बिंदल शुगर मिल्स की गन्ना गोष्ठी में बड़ा खुलासा: ‘फेक वीडियो’ से किसानों को खतरा! जानिए कौन-सी प्रजाति देगी बंपर पैदावार और किन पर लगा प्रतिबंध

विशेष विश्लेषणात्मक समाचार रिपोर्ट। अवनीश त्यागी
चांगिपुर (बिजनौर), 25 फरवरी 2026 | पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत और चेतावनी दोनों लेकर आई बिंदल शुगर मिल्स, चांगिपुर की बसंत कालीन विशाल गन्ना गोष्ठी, कृषि यंत्र मेला एवं प्रदर्शनी। इस मेगा आयोजन में 1100 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया, जहां वैज्ञानिकों ने गन्ने की उन्नत खेती का मंत्र दिया, वहीं सोशल मीडिया पर वायरल ‘फेक वीडियो’ से सावधान रहने की गंभीर चेतावनी भी जारी की।
विशेषज्ञों ने साफ कहा कि गलत प्रजाति और भ्रामक जानकारी के कारण किसान भारी नुकसान झेल सकते हैं, इसलिए केवल प्रमाणित और वैज्ञानिक रूप से अनुशंसित बीजों का ही चयन करें।
फेक वीडियो से सावधान! वैज्ञानिकों ने बताई असली-नकली गन्ने की पहचान
गोष्ठी में गन्ना शोध परिषद के सहायक निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार कपिल और वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने किसानों को गन्ने की सही प्रजाति पहचानने की वैज्ञानिक तकनीक सिखाई।
उन्होंने बताया कि इन संकेतों से असली बीज पहचानें—
- तने का प्राकृतिक रंग और चमक
- जड़ क्षेत्र (Root Zone) की मजबूती
- मिडरीब (पत्ती की मध्य रेखा) की संरचना
- बड (आंख) का आकार और उभार
डॉ. मलिक ने चेतावनी दी:
“सोशल मीडिया पर कई भ्रामक वीडियो चल रहे हैं, जिनमें गलत प्रजातियों को ज्यादा उत्पादन देने वाला बताया जा रहा है। किसान ऐसे झांसे में न आएं, वरना पूरी फसल बर्बाद हो सकती है।”
ये हैं 2026 की सुपरहिट गन्ना प्रजातियां, देंगी ज्यादा उत्पादन
विशेषज्ञों ने जिन प्रजातियों को सबसे ज्यादा लाभकारी बताया, उनमें शामिल हैं—
- CoS-13235
- Co-17231
- Co-18231
- Co-19231
- Co-0118
- CoLk-16202
- CoLk-14201
- Co-98014
विशेष सलाह:
- जलभराव क्षेत्र: CoSe-13231 सबसे उपयुक्त
- खतरे वाली प्रजाति: Co-0238 की बुवाई बिल्कुल न करें, इसमें रोग का खतरा ज्यादा
रेड रॉट (लाल सड़न) से बचाव का रामबाण उपाय बताया
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि रेड रॉट रोग गन्ने की सबसे खतरनाक बीमारी है, जो पूरी फसल को नष्ट कर सकती है।
बचाव के उपाय:
- ट्राइकोडर्मा का नियमित प्रयोग
- प्रमाणित बीज का उपयोग
- समय-समय पर खेत का निरीक्षण
साथ ही मिल प्रबंधन को सीड ट्रैक ऐप पर किसानों का पूरा डेटा अपडेट करने और भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
किसानों को मिला बंपर फायदा: ट्रैक्टर से लेकर मशीनों पर भारी सब्सिडी
मेले में किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान दिया गया—
- 26 ट्रैक्टर — ₹50,000 की छूट
- 80 सबसॉइलर — 25% सब्सिडी
- 60 पावर स्प्रेयर — 25% सब्सिडी
- 50 ट्रेंच मशीन — 25% सब्सिडी
- तितली हल और हैंड हो भी वितरित
इससे किसानों की लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ेगा।
‘पंचामृत खेती मॉडल’ बना आकर्षण, आय दोगुनी करने का दावा
विशेषज्ञों ने किसानों को पंचामृत खेती मॉडल अपनाने की सलाह दी, जिसमें शामिल है—
- ट्रेंच विधि
- सहफसली खेती
- ड्रिप सिंचाई
- पेड़ी प्रबंधन
- मल्चिंग
विशेषज्ञों के अनुसार:
इस मॉडल से उत्पादन बढ़ेगा, लागत घटेगी और किसानों की आय दोगुनी हो सकती है।
28 बड़ी कंपनियां पहुंचीं, नई तकनीक ने खींचा किसानों का ध्यान
प्रदर्शनी में देश की नामी कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए, जिनमें शामिल हैं—
- महिंद्रा
- सिजेंटा
- इफको
- आयशर
- मैसी
- IPL
- मैनकाइंड
किसानों ने आधुनिक मशीनों और तकनीकों में खास रुचि दिखाई।
प्रतियोगिता में इन विजेताओं ने मारी बाजी
उत्पाद प्रदर्शन प्रतियोगिता में—
प्रथम — बिंदल शुगर मिल्स, चांगिपुर
द्वितीय — महिंद्रा ट्रैक्टर
तृतीय — अशोका एग्रो इम्प्लीमेंट, धनोराप्रगतिशील किसानों को भी शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
1100 किसानों की मौजूदगी से बना ऐतिहासिक आयोजन
कार्यक्रम का संचालन मुख्य गन्ना प्रबंधक इन्द्रवीर सिंह ने किया।
इस अवसर पर मौजूद रहे—
- जोगेंद्र मलिक
- सरूर आलम जैदी
- विपिन बालियान
- अर्जुन बालियान
- राजवीर सिंह
- गन्ना विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी
किसानों के लिए बड़ा संदेश: सही बीज और सही तकनीक ही सफलता की कुंजी
इस गोष्ठी से स्पष्ट संदेश मिला कि—
✔ प्रमाणित बीज चुनें
✔ फेक वीडियो से बचें
✔ वैज्ञानिक तकनीक अपनाएं
✔ आधुनिक मशीनों का उपयोग करें
गन्ना खेती में बदलाव की शुरुआत, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
बिंदल शुगर मिल्स की यह गोष्ठी किसानों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है, क्योंकि यहां किसानों को सही बीज, नई तकनीक और आधुनिक मशीनों की पूरी जानकारी मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान इन सुझावों को अपनाते हैं, तो आने वाले सीजन में गन्ना उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि और किसानों की आय में बड़ा इजाफा संभव है।











