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NCERT का नया विभाजन (Partition) मॉड्यूल निष्पक्ष दृष्टिकोण में बदलाव: क्या है असली सच ?

एनसीईआरटी के नए मॉड्यूल पर आधारित एक                                    विश्लेषणात्मक समाचार 

NCERT का नया विभाजन (Partition) मॉड्यूल निष्पक्ष दृष्टिकोण में बदलाव: क्या है असली सच ?

• मॉड्यूल की घोषणा और उद्देश्य

  • NCERT ने 6वीं–12वीं कक्षा के लिए विशेष मॉड्यूल जारी किए हैं, जिन्हें “Partition Horrors Remembrance Day” (विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस) के मौके पर पेश किया गया है। यह दिन, जिसे भारत सरकार ने 14 अगस्त के रूप में घोषित किया हुआ है, विभाजन की त्रासदी और विस्थापन की पीड़ा को याद करने के लिए मनाया जाता है ।
  • मॉड्यूल नियमित पाठ्यपुस्तकों का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि परियोजनाओं, चर्चाओं और बहसों के लिए तैयार किए गए “supplementary content” हैं ।

• कौन हैं जिम्मेदार?

  • मॉड्यूल स्पष्ट रूप से तीन प्रमुख पक्षों को विभाजन के लिए जिम्मेदार बताता है:
    1. जिन्ना — जिन्होंने विभाजन की मांग की।
    2. कांग्रेस — जिसने उस मांग को स्वीकार किया।
    3. माउंटबेटन — जिन्होंने सत्ता हस्तांतरण की तारीख जल्दी तय कर विभाजन को औपचारिक रूप दिया ।
  • सेकेंडरी-स्टेज (कक्षा IX-XII) मॉड्यूल में यह भी उल्लेख है कि सत्ता का हस्तांतरण जून 1948 से बढ़ाकर 15 अगस्त 1947 किया जाना विभाजन प्रक्रिया को अव्यवस्थित और अर्धबनावटी बनाता है ।

• राजनीतिक प्रतिक्रिया और विवाद

  • कांग्रेस ने मॉड्यूल की तीखी आलोचना की, यह कहते हुए कि यह इतिहास को विकृत रूप में प्रस्तुत करता है। कांग्रेस नेता पवन खेरा ने कहा यदि मुसलमानों के लिए अलग राष्ट्र की मांग 1938 से शुरू हुई हिंदू महासभा की घोषणा और 1942 के हिंदू महासभा–मुस्लिम लीग गठबंधन शामिल नहीं हैं, तो “यह दस्तावेज़ जलाया जाए” ।
  • बीजेपी ने इसका बचाव करते हुए कहा कि NCERT पठन-पाठन में “सच” ला रहा है, और कांग्रेस “राहुल-जिन्ना” गठजोड़ करके असल भूमिका से भाग रही है ।
  • देश भर की प्रतिक्रिया:
    • CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस की “अपेमेंट पॉलिटिक्स” विभाजन की जड़ थी और इस दिन को “Partition Horrors Remembrance Day” मनाने की पहल का समर्थन किया ।
    • प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने विभाजन के दर्द को याद करते हुए एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया ।

• स्मरण और सहयोगी गतिविधियाँ

  • विभाजन स्मृति दिवस को भारत भर में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जीवंत किया गया:
    • रांची के डोरांडा कॉलेज में IGNCA की ओर से फोटोग्राफ्स, पत्र और गवाहों की गाथाएं साझा की गईं, जहां छात्रों को पढ़ने और सोचने को प्रेरित किया गया ।
    • पटना में रेलवे स्टेशन पर फोटो प्रदर्शनी आयोजित की गई, जहाँ बताया गया कि भारतीय रेल ने 15 अगस्त से 8 सितंबर 1947 तक लगभग 7 लाख शरणार्थियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया ।

सारांश सारणी 

मुद्दा विवरण
मॉड्यूल जारी कक्षा 6–12 के लिए विभाजन पर विशेष मॉड्यूल (मध्य और माध्यमिक स्तर)
उत्तरदायी पक्ष जिन्ना (मांगकर्ता), कांग्रेस (स्वीकारकर्ता), माउंटबेटन (आयोजक)
प्रक्रिया की त्रुटि सत्ता हस्तांतरण की जल्दी, सीमांकन की जल्दबाजी
कांग्रेस का प्रतिकिरण “इतिहास विकृत” – “जलाओ दस्तावेज़ यदि यह बाते शामिल नहीं हैं”
बीजेपी का बचाव “इतिहास अब स्पष्ट रूप से सामने आया है”
स्मृति दिवस का महत्व विभाजन की पीड़ा को याद करवाना और एकता को बल देना
सहायक आयोजन रांची और पटना में स्थानीय स्तर पर बातें जागृत करना और युवाओं में जागरूकता बढ़ाना

यह नया NCERT मॉड्यूल इतिहास को काले-सफेद में नहीं, बल्कि ग्रे शेड्स (सामाजिक-राजनीतिक जटिलताओं) में देखता है—यह दर्शाता है कि विभाजन किसी एक के अकेले फैसले का परिणाम नहीं था, बल्कि कई पक्षों और दृष्टिकोणों के मिलन से उत्पन्न त्रासदी थी।

यह पहल न केवल इतिहास के तथ्यों को प्रस्तुत करती है, बल्कि आलोचनात्मक सोच को भी प्रोत्साहित करती है—जिससे छात्रों को विभाजन के दर्द और भविष्य में ऐसे निर्णयों से बचने की प्रेरणा मिलती है।

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