कोटद्वार में वृक्ष मित्र समिति की पहल, राजकीय आवासीय इंटर कॉलेज में फलदार वृक्षों का वितरण

टारगेट टीवी लाइव की विशेष रिपोर्ट
कोटद्वार। उत्तराखंड
जहां एक ओर केंद्रित है और जलवायु परिवर्तन दुनिया के लिए खतरा बना हुआ है, वहीं कोटद्वार जैसे छोटे शहरों में भी अब पर्यावरण संरक्षण को लेकर सकारात्मक रुख दिख रहा है। इसी श्रृंखला में वृक्ष मित्र समिति और डॉ. आशुतोष पंत के नेतृत्व में एक प्रेरणादायक पहली बार सामने आया है। रविवार को राजकीय राजकीय इंटर कॉलेज, लालपानी में विद्यार्थियों, सोसायटी और स्थानीय लोगों के बीच फलदार वृक्षों का वितरण किया गया।
प्रमुख बिंदु – कार्यक्रम की लोकवाणियाँ:
- 35 वर्षों से पर्यावरण सेवा : सरकारी सेवा में रेस्तरां डॉ. आशुतोष पंत उत्तराखंड के विभिन्न उत्पादों में मुफ्त वृक्ष वितरण कर रहे हैं – अब तक हजारों उत्पाद वितरित कर दिए गए हैं।
- स्कूल में समारोह : सरकारी कॉलेज इंटर कॉलेज लालपानी में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अमारूड, लेवेंडर, कटहल और पेपरी लेपॉन्डेंट जैसे फलदार वृक्षों का वितरण किया गया।
- वृक्ष मित्र समिति की भूमिका : डॉ. पंत की सलाह से युवा युवाओं और समाजसेवियों को प्रेरित करके ‘वृक्ष मित्र समिति’ का गठन किया गया, जो स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण का बीड़ा उठा रही है।

- विशेषज्ञ का अध्ययन :
- मितेश्वर आनंद अधिकारी ,
- प्रिय मित्र अभिषेक वर्मा ,
- डा. अजय नेगी, डा. विजय राणा, डा. केके धस्माना ,
- शिक्षक संभावित अधिकारी – सभी ने वृक्षों की देखभाल को उनकी वास्तविक सेवा के बारे में बताया।
- अभिनेत्री संजय भंडारी की सदस्यता : हरसंभव सहायता राशि का वादा, कहा “पौधे मांग छोड़ो, उनकी हत्या के समान है।”
- सेना देवभूमि की भागीदारी : पर्यावरण सेवा में सक्रिय शिवम नेगी और उत्कर्ष नेगी की उपस्थिति ने ग्रीन कार्यक्रम में ऊर्जा भर दी।
- वैराइटी फैमिली विंद्य भारद्वाज ने ‘वृक्षों को की तरह सिखाए’ का संदेश दिया।
विश्लेषण :
यह कार्यक्रम केवल वृक्षाली वितरण का नहीं, बल्कि अल्पसंख्यक जागरूकता का आंदोलन बन रहा है। एक ओर डॉ. पंत की निःस्वार्थ भावना प्रेरणा स्रोत है, तो दूसरी ओर वृक्षालु मित्र समिति जैसे युवा-आधारित पहले यह सुझाव देते हैं कि हर व्यक्ति प्रकृति संरक्षण का वाहक बन सकता है ।
जहां शहर के अवलोकन से हरियाली मिट रही है, वहीं इस तरह की सहायक भागीदारी कोटद्वार को “हरित नगर” की दिशा में वन्यजीवन करने में अहम भूमिका निभाई जा सकती है।
संदेश साफ है: “वृक्ष लगाओ, जीवन बचाओ” – और अब बोलता है केवल पौधारोपण नहीं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ाएँ।
अपडेट और अपडेट के लिए जुड़े रहें — @TargetTVLive












