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नेहा दक्ष की ऐतिहासिक सफलता: बिजनौर की बेटी ने एशिया में लहराया परचम

नेहा दक्ष की ऐतिहासिक सफलता: बिजनौर की बेटी ने एशिया में लहराया परचम

BIJNOR. बिजनौर की मिट्टी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहां की प्रतिभाएं न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी चमक बिखेर सकती हैं। छठी सीनियर एशिया कबड्डी चैंपियनशिप 2025 में भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा रही कुमारी नेहा दक्ष ने गोल्ड मेडल जीतकर न केवल देश का बल्कि अपने जिले बिजनौर का नाम भी रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में 12 मार्च 2025 को नेहरू स्टेडियम बिजनौर में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

सम्मान समारोह की झलकियां

समारोह में जिला क्रीड़ा अधिकारी राजकुमार ने नेहा दक्ष का बुके और शॉल देकर सम्मान किया। उन्होंने नेहा की कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि नेहा ने यह साबित कर दिया है कि जिले की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उनके अनुसार, नेहा की सफलता जिले की अन्य युवतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी, और आगे भी बिजनौर से ऐसी ही प्रतिभाएं निकलती रहेंगी।

नेहा की प्रेरणादायक यात्रा

सम्मान समारोह में नेहा दक्ष ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “अगर मैं खेल सकती हूं, तो आप भी खेल सकते हैं।” उन्होंने बताया कि उन्होंने दो वर्षों तक बिजनौर के स्टेडियम में अंशु चौधरी की देखरेख में कठिन परिश्रम और अनुशासन के साथ अभ्यास किया। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि अगर दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन मिले, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

महिला सशक्तिकरण की मिसाल

नेहा की इस उपलब्धि ने न केवल खेल जगत में बल्कि समाज में भी महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया है। उनकी जीत से यह साफ होता है कि महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। जिला क्रीड़ा अधिकारी ने इसे जिले की लड़कियों के लिए “स्वर्णिम प्रेरणा” करार दिया, जिससे आने वाली पीढ़ी खेलों की ओर आकर्षित होगी।

समारोह में शामिल गणमान्य लोग

इस अवसर पर जिला खेल कार्यालय के सहायक अधिकारी हिमांशु, प्रशिक्षक अंशु चौधरी, चित्रा चौहान, जितेंद्र कुमार, विशाल कुमार, और कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने नेहा की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

नेहा दक्ष की सफलता की कहानी न केवल बिजनौर के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। यह दिखाता है कि यदि समर्पण, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिले, तो छोटे से शहर की एक लड़की भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परचम लहरा सकती है। नेहा की इस उपलब्धि से जिले की अन्य युवा खिलाड़ी भी प्रोत्साहित होंगी और शायद अगली बार कोई और नेहा बिजनौर का नाम रोशन करने के लिए तैयार होगी।

इस ऐतिहासिक सफलता के लिए नेहा दक्ष और उनकी पूरी टीम को दिल से बधाई 

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