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चक्रवात का कहर! 28-29 अक्टूबर को बिजनौर समेत कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का हाई अलर्ट, जिला प्रशासन मुस्तैद

चक्रवात का कहर! 28-29 अक्टूबर को बिजनौर समेत कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का हाई अलर्ट, जिला प्रशासन मुस्तैद

TargetTvLive/ अवनीश त्यागी

बिजनौर, 27 अक्टूबर: बंगाल की खाड़ी में तेजी से विकसित हो रहे खतरनाक चक्रवाती तूफान का असर अब उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी साफ दिखने लगा है। मौसम विभाग और राहत आयुक्त कार्यालय के इनपुट के बाद बिजनौर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। चक्रवाती तंत्र के प्रभाव से 28 और 29 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के विभिन्न जनपदों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और जानलेवा वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) की प्रबल संभावना जताई गई है।

संभावित आपदा और जन-धन की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह के निर्देशों पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने युद्ध स्तर पर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

24×7 एक्टिव हुआ ‘आपदा कंट्रोल रूम’, इन विभागों को मिली अल्टीमेटम जैसी जिम्मेदारियां

प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे (24×7) सक्रिय कर दिया है। राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए सभी प्रमुख विभागों को खास टास्क सौंपे गए हैं:

  • हेल्थ डिपार्टमेंट अलर्ट: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को निर्देशित किया गया है कि वे सभी सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा इकाइयों में इमरजेंसी सेवाएं, जीवन रक्षक दवाएं और डॉक्टरों की टीम पूरी तरह तैयार रखें, ताकि दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट मिल सके।
  • अन्नदाताओं के लिए चेतावनी: जिला कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह तुरंत किसानों तक मौसम का संदेश पहुंचाए। खेतों में तैयार खड़ी कटी हुई फसल और खुले में रखे अनाज को भीगने से बचाने के लिए युद्ध स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
  • नदियों और नहरों पर पैनी नजर: सिंचाई विभाग और धामपुर सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता को नदियों, नहरों और संवेदनशील जलस्रोतों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है, जिससे जलभराव या बाढ़ जैसी आकस्मिक स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
  • जर्जर भवनों की पहचान और रेस्क्यू प्लानिंग: जिला पंचायत राज अधिकारी और सभी खंड विकास अधिकारियों (BDOs) को ग्रामीण स्तर पर जर्जर और असुरक्षित भवनों को तुरंत चिह्नित करने के आदेश दिए गए हैं। जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की व्यवस्था की जा रही है।
  • पुलिस और प्रशासनिक अमला सड़कों पर: सभी उपजिलाधिकारियों (SDM), तहसीलदारों और पुलिस थानों के प्रभारियों को अपने-अपने इलाकों में गश्त बढ़ाने और किसी भी अनहोनी की सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन की आम जनता से अपील: ‘सावधानी ही बचाव है’

प्रशासन ने बिजनौर के सभी नागरिकों और किसानों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है:

  1. खराब मौसम में घर से बाहर न निकलें: गरज-चमक और वज्रपात (बिजली गिरने) के दौरान खुले मैदानों, खेतों, जलभराव वाले इलाकों या बड़े व ऊंचे पेड़ों के नीचे बिल्कुल शरण न लें।
  2. फसलों को सुरक्षित रखें: किसान भाई अपनी कटी हुई फसलों और खुले आसमान के नीचे रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों या तिरपाल के नीचे ढककर सुरक्षित करें।
  3. तुरंत दें सूचना: यदि आपके आसपास कोई आपात स्थिति या हादसा होता है, तो बिना देर किए स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों या जिला आपदा कंट्रोल रूम को तुरंत सूचित करें।

खतरे के इन दो दिनों (28 और 29 अक्टूबर) के मद्देनजर जिला प्रशासन ने हर मोर्चे पर अपनी तैयारियां पुख्ता कर ली हैं ताकि प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।

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