बुराई पर अच्छाई की विजय: मुरादाबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया विजयादशमी का पर्व
संवाददाता | TargetTvLive मुरादाबाद: सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर जीत का प्रतीक महापर्व विजयादशमी (दशहरा) मुरादाबाद जिले में पूरी श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। ग्रामीण अंचल से लेकर शहरी इलाकों तक उत्सव का माहौल है, जहां लोग भगवान श्रीराम के आदर्शों का स्मरण कर बुराइयों का अंत करने का संकल्प ले रहे हैं।
अस्त्र-शस्त्र और बही-खातों का पूजन: परंपरा और संस्कृति का अनूठा संगम
विजयादशमी के पावन अवसर पर मुरादाबाद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों—जैसे बहेड़ी ब्रह्मनान, धारकनंगला, हिमाँयुपुर, मनकुआ मकसूदपुर, जटपुरा, भोजपुर, सिडलऊ नजरपुर, कालाझांडा, बोबदवाला और वाकरपुर अटायन—में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
शुभ मुहूर्तों में समाज के विभिन्न वर्गों ने अपनी परंपरा के अनुसार कार्य-साधनों का विधि-विधान से पूजन किया:
- ब्राह्मण समाज: वेद, पुराण और धार्मिक ग्रंथों का पूजन किया गया।
- वणिक (व्यापारी) समाज: व्यापार में समृद्धि की कामना के साथ तराजू, बांट और लेखा-बही का पूजन हुआ।
- क्षत्रिय समाज: राष्ट्र और धर्म की रक्षा के प्रतीक अस्त्र-शस्त्रों की पूजा की गई।
- चित्रगुप्त वंशज: विद्या और ज्ञान के प्रतीक रूप में कलम (लेखनी) का पूजन किया गया।
बहनों ने भाइयों के कानों पर रखे जवारे, सुख-समृद्धि की कामना
त्योहार की मिठास और पारिवारिक स्नेह का सबसे खूबसूरत पल तब देखने को मिला जब बहनों ने अपने भाइयों और परिवार के पुरुष सदस्यों को रोली, कुमकुम और अक्षत का तिलक लगाया। इस दौरान अन्नपूर्णा और समृद्धि के प्रतीक जौ के जवारे भाइयों के दाहिने कान पर रखकर नकारात्मक विचारों से रक्षा करने और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प लिया गया।
घरों और मंदिरों में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और संकटमोचन हनुमान जी की आराधना की गई। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा और सुंदरकांड के पाठ गूंजे।
रावण दहन की तैयारियाँ जोरों पर, उमड़ी भारी भीड़
समाचार लिखे जाने तक रावण दहन के भव्य आयोजनों को देखने के लिए श्रद्धालुओं और आम जनता का सैलाब उमड़ पड़ा है। भगवान श्री राम के जयकारों और रंग-बिरंगी आतिशबाजी की गूंज के बीच रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों के दहन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इस अवसर पर प्रसिद्ध शिक्षाविद पं. राधेश्याम शर्मा ने विजयादशमी के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह हमें समाज से आंतरिक और बाह्य बुराइयों को समाप्त कर सच्चाई और नैतिकता के मार्ग पर चलने की शाश्वत प्रेरणा देता है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
त्योहार के दौरान शांति, कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले सभी मुख्य आयोजनों स्थलों पर पुलिस बल की कड़ी तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के पर्व का आनंद ले सकें।
© TargetTvLive | रिपोर्ट: राकेश शर्मा












