बिजनौर पुलिस ने बाल विवाह और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ खोला मोर्चा, नुक्कड़ नाटकों से दिया बड़ा संदेश
By Avnish Tyagi | Target TV Live दिनांक: 18 अक्टूबर 2026 | स्थान: बिजनौर (उत्तर प्रदेश)
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान के लिए ‘मिशन शक्ति फेज-6.0’ के अंतर्गत एक व्यापक और प्रभावकारी जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। 18 अक्टूबर 2026 को जनपद के सभी थानों की मिशन शक्ति टीमों ने स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और संबंधित प्रशासनिक विभागों के साथ तालमेल बिठाकर समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा और लैंगिक भेदभाव पर सीधा प्रहार किया।
गाँव-गाँव गूँजे नुक्कड़ नाटक, लघु फिल्मों से किया जागरूक
बिजनौर पुलिस की टीमों ने विशेष रूप से बाल विवाह से प्रभावित ग्रामीण और संवेदनशील क्षेत्रों में पहुँचकर नुक्कड़ नाटक, लघु फिल्मों और संवाद सत्रों का आयोजन किया। नुक्कड़ नाटकों के जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से आमजन, महिलाओं, बालिकाओं और अभिभावकों को यह समझाया गया कि कम उम्र में विवाह करने से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर कितना गहरा और प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल बच्चों की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य में बाधा बनता है, बल्कि यह कानूनन एक गंभीर अपराध भी है।
शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान मिशन शक्ति टीमों ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों की पढ़ाई बीच में न रुकवाएँ, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा दिलाकर आत्मनिर्भर बनाएँ। पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी और समाज में व्याप्त दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा एवं लैंगिक असमानता जैसी कुप्रथाओं का पुरजोर विरोध करने के लिए प्रेरित किया।
विश्लेषणात्मक पहलू: पुलिस का यह अनूठा प्रयास क्यों है खास?
- पारंपरिक पुलिसिंग से आगे सामाजिक सुधार: केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित न रहकर, बिजनौर पुलिस ने सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में सीधे जन-संवाद का रास्ता चुना है।
- कला और जन-संचार का मेल: नुक्कड़ नाटकों और लघु फिल्मों के माध्यम से दिया गया संदेश सीधे ग्रामीणों के दिल और दिमाग को छूता है, जिससे समाज में बदलाव की गति तेज होती है।
- हेल्पलाइन नंबरों से त्वरित सहायता: ग्रामीण महिलाओं को आपातकालीन स्थितियों में तुरंत मदद प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
आपातकालीन सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर
पुलिस ने आम जनता को किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए इन टोल-फ्री नंबरों का उपयोग करने का परामर्श दिया है:
- 112: आपातकालीन पुलिस सेवा
- 181: महिला हेल्पलाइन
- 1090: वूमेन पावर लाइन
- 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
- 1930: साइबर अपराध हेल्पलाइन
जनसहभागिता से ही संभव है अपराधमुक्त समाज
जनपद बिजनौर पुलिस ने आम नागरिकों, अभिभावकों और समाज के जिम्मेदार लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास बाल विवाह या किसी बालिका के साथ उत्पीड़न का मामला सामने आता है, तो तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। बिजनौर पुलिस जनपद में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के साथ-साथ एक जागरूक और अपराधमुक्त वातावरण का निर्माण करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी, टार्गेट टीवी लाइव (Target TV Live)












