खुलासा: वन दरोगा को कुचलने की थी खतरनाक साजिश, बिजनौर के शातिर खैर तस्करों का ऐसा काला सच आया सामने!
TargetTvLive डिजिटल न्यूज़ डेस्क रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
बिजनौर । उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में नजीबाबाद पुलिस और वन विभाग की मुस्तैदी से जंगल में कीमती खैर की लकड़ियों की तस्करी करने वाले एक दुस्साहसी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। targetTvLive को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, नजीबाबाद पुलिस ने वन उपनिरीक्षक (वन दरोगा) पर जानलेवा हमला कर उन्हें कुचलने का प्रयास करने और कीमती खैर की लकड़ी चोरी करने के मामले में 3 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से लगभग ₹45,000 कीमत की चोरी की खैर की लकड़ी और वारदात में इस्तेमाल की गई होंडा सिटी कार (UK08AQ4146) बरामद की है।
क्या था पूरा मामला? (5 अक्टूबर की खौफनाक वारदात)
घटना 05 अक्टूबर 2026 की रात की है। साहनपुर रेंज नजीबाबाद के वन उपनिरीक्षक (वन दरोगा) सार्थक पुत्र सतीश कुमार जब गश्त पर थे, तब लकड़ी चोरों ने अपनी पिकअप गाड़ी से उनकी मोटरसाइकिल में सीधी टक्कर मार दी और उन्हें कुचलने का प्रयास किया। इस हमले में वन अधिकारी के बाएं पैर में गंभीर चोट आई थी। हमलावर मौके से खैर प्रजाति के काटे गए पेड़ों की लकड़ी पिकअप में लादकर फरार हो गए थे।
वन उपनिरीक्षक की तहरीर पर थाना नजीबाबाद में मु0अ0स0-485/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा भारतीय वन अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
विश्लेषणात्मक पड़ताल: कैसे काम करता था यह लकड़ी तस्कर गिरोह?
targetTvLive की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरोह का बेहद संगठित और शातिराना काम करने का तरीका (Modus Operandi) सामने आया है:
- दिन में रेकी, रात में डकैती: गिरोह के सदस्य दिन के उजाले में जंगलों में खड़े खैर, शीशम और सागौन जैसे कीमती पेड़ों की निशानदेही (रेकी) करते थे।
- हाई-टेक एस्कॉर्ट और निगरानी: रात में पेड़ काटने के बाद लकड़ी पिकअप में लोड की जाती थी। पुलिस या वन विभाग की टीम से बचने के लिए गिरोह के कुछ साथी आगे चलकर रेकी और निगरानी करते थे।
- ठिकानों पर सीधी बिक्री: चोरी की लकड़ियों को अफजलगढ़ निवासी सलीम ठेकेदार और इकरार जैसे खरीदारों को तुरंत बेच दिया जाता था।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
पुलिस ने 18 अक्टूबर 2026 को कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया:
- बब्बू उर्फ बग्गड पुत्र प्रेम सिंह (निवासी: चम्पतपुर चकला उर्फ भोगपुर, थाना बढ़ापुर, बिजनौर)
- सतनाम पुत्र करतार (निवासी: चम्पतपुर चकला, थाना बढ़ापुर, बिजनौर)
- इकरार पुत्र इशरार (निवासी: कासमपुर गढ़ी, थाना अफजलगढ़, बिजनौर)
नोट: गिरोह के अन्य सदस्य (छिन्दर, खेम सिंह, राजपाल, सोनू बिजनोरिया, सोनू) की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास (Criminal History)
पकड़े गए अभियुक्त आदतन अपराधी हैं और उनका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है:
- बब्बू उर्फ बग्गड: इसके खिलाफ नजीबाबाद थाने में हत्या के प्रयास व चोरी के अलावा थाना बढ़ापुर में आबकारी अधिनियम और मारपीट/धमकी देने के कई मामले दर्ज हैं (मु0अ0स0 229/2022, 186/2023, 264/2023)।
- सतनाम: इसके खिलाफ आबकारी अधिनियम तथा थाना नगीना देहात में चोरी व वन अधिनियम (मु0अ0स0 261/2023) के मामले दर्ज हैं।
- इकरार: चोरी की लकड़ी खरीदने और तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा मुख्य खरीदार।
बरामदगी का ब्योरा
- खैर की लकड़ी: 3 फीट के 6 लट्टे एवं 1.5 फीट के 2 टुकड़े (कुल अनुमानित कीमत ₹45,000)।
- वाहन: घटना में प्रयुक्त होंडा सिटी कार (नंबर: UK08AQ4146)।
पुलिस ने साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मुकदमे में BNS की धारा 317(2), 317(5) और 109(1) की बढ़ोतरी की है।
सफलता पाने वाली पुलिस टीम
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली थाना नजीबाबाद पुलिस टीम में शामिल प्रमुख अधिकारी:
- प्रभारी निरीक्षक: अमित कुमार
- उप-निरीक्षक: कुलवीर सिंह
- कांस्टेबल: विजयपाल (का0 643), उपेन्द्र मलिक (का0 2375), सुजल (का0 2409), गौरव (का0 1252)
TargetTvLive न्यूज़ अपडेट्स के लिए जुड़े रहें। (समाचार स्रोत: पुलिस प्रेस नोट, थाना नजीबाबाद, जनपद बिजनौर)












