अधिशासी अभियंता योगी अरुण सचदेव: जब तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनाओं से बदला धामपुर सिंचाई खंड का चेहरा
TargetTvLive | राकेश कुमार
धामपुर (बिजनौर): किसी भी क्षेत्र के ढांचागत और कृषि विकास में तकनीकी ज्ञान का होना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उस पद पर बैठे अधिकारी का जन-सामान्य के प्रति दृष्टिकोण होता है। जब आधुनिक इंजीनियरिंग दक्षता और मानवीय संवेदनाएं एक साथ मिलती हैं, तो परिणाम केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि धरातल पर एक बड़ा बदलाव लाते हैं।
उत्तर प्रदेश के अफजलगढ़ सिंचाई खण्ड धामपुर में तैनात अधिशासी अभियंता (XEN) इंजी. योगी अरुण सचदेव वर्तमान में इसी कार्य संस्कृति और जनसेवा की मिसाल बने हुए हैं। अपनी त्वरित कार्यशैली, पारदर्शी प्रणाली और आत्मीय मृदु व्यवहार के कारण वे आज क्षेत्र के किसानों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
दफ्तरों से निकलकर धरातल पर समाधान की नीति
इंजी. योगी अरुण सचदेव की पहचान एक ऐसे कर्मयोगी अधिकारी के रूप में स्थापित हुई है, जो प्रशासनिक फाइलों और दफ्तर की दीवारों तक सीमित रहने के बजाय समस्याओं के जमीनी निरीक्षण पर विश्वास रखते हैं। सिंचाई, नहरी जलापूर्ति और कृषि अवसंरचना से जुड़ी तकनीकी और जटिल बाधाओं को वैज्ञानिक तथा व्यावहारिक दृष्टिकोण से समय सीमा के भीतर हल करना उनकी प्राथमिकता रही है।
अधिकारियों और आम जनता के बीच अक्सर दिखने वाली प्रशासनिक दूरी को समाप्त करते हुए उन्होंने संवाद का एक सहज माध्यम तैयार किया है, जिससे आम किसान अपनी समस्याओं को बिना किसी झिझक के उनके सामने रख पाते हैं।
क्षेत्र के प्रमुख प्रबुद्धजनों और किसान नेताओं की राय
इंजी. सचदेव की कार्यप्रणाली पर क्षेत्र के विभिन्न वर्गों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए हैं:
- संजय राणा (संयोजक, भूतपूर्व सैनिक किसान महासंघ, उ.प्र.): “सिंचाई परियोजनाओं से जुड़ी तकनीकी रुकावटों का वे बेहद वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीके से निपटारा करते हैं। किसी भी काम को लटकाने के बजाय उसे समय पर और पारदर्शिता के साथ पूरा कराना उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
- खेल सिंह राजपूत (जिलाध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा): “जब भी क्षेत्र का कोई किसान समस्या लेकर पहुंचता है, वे न केवल उनकी बात ध्यान से सुनते हैं, बल्कि एक अभिभावक की तरह उसका उचित समाधान भी प्रस्तुत करते हैं। संवाद की इस सहजता से किसानों का विश्वास बढ़ा है।”
- पं. राधेश्याम शर्मा (शिक्षक एवं शिक्षाविद, उ.प्र. राज्य): “तकनीकी पदों पर कार्यरत अधिकारियों से आम जनता अक्सर सीधी बात करने से हिचकिचाती है, लेकिन इंजी. सचदेव ने इस दूरी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। उनकी कार्यनिष्ठा विभाग के लिए एक मिसाल है।”
- अल्पना पंकज भारद्वाज (ग्राम प्रधान): “उनकी कार्यशैली में संवेदनशीलता और तत्परता साफ नजर आती है। ग्रामीण और कृषि समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाना उनकी सबसे बड़ी खासियत है।”
- शिवकुमार शर्मा ‘दीवान जी’ (आदर्श कृषक एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य): “उनका शांत स्वभाव, चेहरे की सौम्यता और बातचीत की मिठास किसानों को अपनी बात बेझिझक रखने का हौसला देती है। किसान उन्हें केवल एक इंजीनियर नहीं, बल्कि अपना सच्चा हितैषी मानते हैं।”
- राकेश भारद्वाज (जिला मंत्री, पत्रकार सुरक्षा परिषद फाउंडेशन एवं पूर्व प्रान्तीय नेता, कर्मचारी संघ): “प्रशासनिक व्यवस्था में सौम्यता और दक्षता का यह संगम दुर्लभ है। उनके इसी रवैये के कारण वर्षों से लंबित कई जटिल मुद्दे भी सुगमता से हल हो चुके हैं।”
सुशासन और निष्काम सेवा का प्रतीक
क्षेत्रीय किसानों और ग्रामीणों का मानना है कि इंजी. अरुण सचदेव के प्रयासों से न केवल नहरी परियोजनाओं और सिंचाई व्यवस्था में तेजी आई है, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में भी संवेदनशीलता का संचार हुआ है। लंबित मुद्दों का त्वरित निस्तारण और योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन इस बात का प्रमाण है कि यदि सही नीयत और समर्पण के साथ कार्य किया जाए, तो ग्रामीण और कृषि व्यवस्था का कायाकल्प संभव है।
इंजी. योगी अरुण सचदेव की यह कार्यशैली यह साबित करती है कि जब तकनीकी दक्षता, निष्ठा और नम्रता का संगम होता है, तो वह समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन की नींव रखता है।












