अखबार बेचने वाले अमन बने देश के यूथ आइकॉन, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया संग साझा किया ‘विकसित भारत’ का विजन

बागपत के गांव से दिल्ली तक: संघर्ष, तकनीक और सेवा से अमन कुमार ने लिखी सफलता की नई कहानी
By.अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बागपत, 21 मई 2026।
कभी गांव-गांव साइकिल पर अखबार बेचकर परिवार का सहारा बनने वाला एक युवा आज देश के टॉप यूथ आइकॉन में शुमार हो चुका है। उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के रहने वाले अमन कुमार ने संघर्ष, तकनीकी नवाचार और सामाजिक सेवा के दम पर वह मुकाम हासिल किया है, जहां अब उनकी आवाज देश के नीति निर्माताओं तक पहुंच रही है। हाल ही में अमन कुमार को केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री Mansukh Mandaviya के साथ विशेष संवाद का अवसर मिला, जहां उन्होंने युवाओं के भविष्य, रोजगार, शिक्षा और नेतृत्व को लेकर अपने विचार साझा किए।
बाल मजदूरी से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
अमन कुमार की कहानी सिर्फ प्रेरणा नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के बदलते युवा नेतृत्व की तस्वीर भी है। आर्थिक तंगी के दौर में उन्होंने घर-घर अखबार बेचकर संघर्ष किया, लेकिन उन्हीं अखबारों से मिली जानकारी ने उन्हें सरकारी योजनाओं, युवाओं के अवसरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जोड़ दिया। यही संघर्ष आज उन्हें देश के चर्चित युवा चेहरों में खड़ा कर चुका है।
अमन को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा मिला यह सम्मान उनके सामाजिक योगदान और युवा नेतृत्व की बड़ी पहचान माना जा रहा है।
“माय भारत” से बदली जिंदगी, लाखों युवाओं तक पहुंचाया अवसर
अमन कुमार के जीवन में बड़ा बदलाव तब आया जब वे MY Bharat से जुड़े। डिप्टी डायरेक्टर अरुण तिवारी ने उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद अमन ने “प्रोजेक्ट कॉन्टेस्ट 360” के जरिए देशभर के लगभग 84 लाख युवाओं को शिक्षा, करियर और प्रतियोगी अवसरों से जोड़ने का कार्य किया।
यही नहीं, उन्होंने बागपत प्रशासन के साथ मिलकर कई डिजिटल और ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट भी विकसित किए, जिनमें कांवड़ यात्रा एप, स्वीप बागपत एप और सूचना सेतु एप शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाला यह युवा अब तकनीक के जरिए प्रशासन और जनता के बीच पुल बनने का काम कर रहा है।
“कोई युवा पीछे न छूटे” बना मिशन
अमन कुमार अब केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं हैं। उनका लक्ष्य है कि देश का कोई भी युवा जानकारी और अवसर के अभाव में पीछे न रह जाए। इसी उद्देश्य से वे युवाओं को सरकारी योजनाओं, स्किल प्लेटफॉर्म्स और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
नई दिल्ली में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान अमन ने गांवों और जिलों के युवाओं से बातचीत कर तैयार किए गए 40 सुझाव केंद्रीय मंत्री के सामने प्रस्तुत किए। केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya ने इन सुझावों की सराहना करते हुए युवाओं को “पंच प्रण” के साथ विकसित भारत निर्माण में भागीदारी निभाने का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री मोदी के सामने कर चुके हैं युवाओं का नेतृत्व
अमन कुमार की पहचान केवल सामाजिक कार्यकर्ता तक सीमित नहीं है। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में उन्होंने उत्तर प्रदेश के ग्रुप कैप्टन के रूप में प्रधानमंत्री Narendra Modi, रक्षा मंत्री Rajnath Singh और राज्यपाल Anandiben Patel के समक्ष प्रदेश के युवाओं के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया।
उनकी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवा क्षेत्र में अलग पहचान दिलाई। वर्ष 2025 में उन्हें देश के प्रतिष्ठित आई वॉलंटियर यूथ चैंपियन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।
कैलाश सत्यार्थी ने भी किया सम्मानित
अमन कुमार की यात्रा का सबसे भावुक पहलू यह है कि कभी बाल मजदूरी से जुड़े रहे इस युवा को बाद में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता Kailash Satyarthi ने सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल अमन के संघर्ष की जीत है, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए उम्मीद भी है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
बागपत प्रशासन ने भी सराहा योगदान
बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल और जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी के साथ मुलाकात में अमन कुमार ने युवाओं के लिए प्रशासनिक सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को सही दिशा, अवसर और मार्गदर्शन मिले तो गांवों से भी राष्ट्रीय स्तर के नेतृत्व उभर सकते हैं।
क्यों खास है अमन कुमार की कहानी?
- गांव से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की मिसाल
- तकनीक और सामाजिक सेवा का अनोखा संगम
- लाखों युवाओं को करियर अवसरों से जोड़ने का प्रयास
- सरकारी योजनाओं को युवाओं तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका
- संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा
TargetTvLive Analysis
अमन कुमार की कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि नए भारत के बदलते युवा नेतृत्व का संकेत है। आज जब ग्रामीण युवाओं के सामने बेरोजगारी, संसाधनों की कमी और अवसरों का संकट सबसे बड़ी चुनौती है, तब अमन जैसे युवा यह साबित कर रहे हैं कि सही प्लेटफॉर्म, तकनीक और इच्छाशक्ति से हालात बदले जा सकते हैं। बागपत जैसे छोटे जनपद से निकलकर राष्ट्रीय नीति संवाद तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि भारत का नया युवा अब केवल नौकरी नहीं, बल्कि नेतृत्व और परिवर्तन की भूमिका में भी आगे आ रहा है।
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