तिरंगे के सम्मान पर सख्त DM: अब गलती हुई तो होगी कार्रवाई, रात में भी फहराया जा सकेगा राष्ट्रीय ध्वज — जानिए झंडा संहिता-2022 के नए नियम
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बिजनौर, 21 फरवरी 2026 | डिजिटल डेस्क
देश की आन-बान-शान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के सम्मान को लेकर बिजनौर प्रशासन ने बड़ा और सख्त संदेश दिया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी संस्थानों, शिक्षण संस्थाओं और आम नागरिकों को भारतीय झंडा संहिता-2022 का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ कहा कि तिरंगे की मर्यादा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह निर्देश ऐसे समय में जारी किए गए हैं जब राष्ट्रीय पर्वों, खेल आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में झंडों का उपयोग होता है।
राष्ट्रीय ध्वज: सिर्फ कपड़ा नहीं, देश की भावनाओं का प्रतीक
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज देशवासियों की आशाओं, आकांक्षाओं और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। हर नागरिक के मन में इसके प्रति प्रेम, सम्मान और निष्ठा होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि भारतीय झंडा संहिता-2002 में संशोधन कर 2022 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है।
Flag Code-2022 के बड़े बदलाव: अब रात में भी फहरा सकेंगे तिरंगा
झंडा संहिता में किए गए संशोधनों के अनुसार:
✔️ अब तिरंगा दिन और रात दोनों समय फहराया जा सकता है
✔️ पॉलिएस्टर सहित मशीन से बने झंडों को भी अनुमति
✔️ हाथ से बुने या मशीन निर्मित सूती, खादी, ऊनी, सिल्क या पॉलिएस्टर झंडे वैध
✔️ कोई भी नागरिक, संस्था या संगठन किसी भी दिन तिरंगा फहरा सकता है
👉 लेकिन शर्त सिर्फ एक — झंडे का सम्मान और मर्यादा बनी रहनी चाहिए।
इन नियमों का उल्लंघन पड़ा तो हो सकती है कार्रवाई
DM ने स्पष्ट किया कि:
- ❌ फटा या गंदा झंडा नहीं फहराया जा सकता
- ❌ किसी अन्य झंडे को तिरंगे से ऊपर या बराबर नहीं लगाया जा सकता
- ❌ आम नागरिक अपने वाहन पर तिरंगा नहीं लगा सकते
- ❌ एक ही डंडे पर अन्य झंडों के साथ तिरंगा नहीं लगाया जा सकता
👉 केवल राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल जैसे गणमान्य व्यक्तियों को वाहन पर तिरंगा लगाने की अनुमति है।
कागज़ के झंडे को फेंकना होगा अपमान, DM ने दिए विशेष निर्देश
राष्ट्रीय कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाले कागज़ के झंडों को जमीन पर फेंकना या अपमानजनक तरीके से छोड़ना प्रतिबंधित है।
DM ने निर्देश दिया कि:
➡️ कार्यक्रम के बाद झंडे का सम्मानजनक तरीके से
➡️ एकांत में और मर्यादा के साथ निपटान किया जाए
क्यों जरूरी है यह निर्देश? प्रशासन ने दिया बड़ा संदेश
विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में राष्ट्रीय कार्यक्रमों के बाद सड़कों और कूड़ेदानों में झंडे मिलने की घटनाएं सामने आई हैं, जो राष्ट्रीय गौरव का अपमान है।
प्रशासन का यह कदम:
- राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा
- नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने
- कानून का पालन सुनिश्चित करने
की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कानूनी जानकारी: उल्लंघन पर हो सकती है सजा
राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियम:
- राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम-1971
- भारतीय झंडा संहिता-2002 (संशोधित 2022)
का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
अधिक जानकारी गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
जनता के लिए संदेश: तिरंगा सिर्फ अधिकार नहीं, जिम्मेदारी भी
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सभी नागरिकों से अपील की कि:
“राष्ट्रीय ध्वज हमारे राष्ट्र की आत्मा है, इसका सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।”
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