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महिला मत्स्य पालकों के लिए सुनहरा मौका: सघन मत्स्य पालन में एरेशन सिस्टम से बढ़ेगा उत्पादन और मुनाफा

महिला मत्स्य पालकों के लिए सुनहरा मौका: सघन मत्स्य पालन में एरेशन सिस्टम से बढ़ेगा उत्पादन और मुनाफा
यूपी सरकार की बड़ी पहल, 7 जनवरी तक खुले ऑनलाइन आवेदन | जानिए योजना की शर्तें, लाभ और प्रक्रिया

बिजनौर | 30 दिसंबर 2025
उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और मत्स्य उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार योजनाएं ला रही है। इसी क्रम में मत्स्य विभाग द्वारा ‘सघन मत्स्य पालन के लिए एरेशन सिस्टम’ की स्थापना हेतु एक महत्वपूर्ण योजना संचालित की जा रही है, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

सहायक निदेशक मत्स्य नीतू सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना राज्य सेक्टर (महिला लाभार्थियों हेतु) संचालित की जा रही है और इसके अंतर्गत एरेशन सिस्टम की स्थापना कर मत्स्य तालाबों में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी, जिससे मछलियों की वृद्धि दर और उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार होगा।

क्या है एरेशन सिस्टम और क्यों है यह जरूरी?

एरेशन सिस्टम तालाब के पानी में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाता है।

  • ✔️ मछलियों की मृत्यु दर कम होती है
  • ✔️ कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन संभव
  • ✔️ पानी की गुणवत्ता में सुधार
  • ✔️ सघन मत्स्य पालन को मिलता है तकनीकी सहारा

विशेषज्ञों के अनुसार, एरेशन सिस्टम से 20–30% तक अतिरिक्त उत्पादन संभव है, जिससे महिला मत्स्य पालकों की आय में सीधा इजाफा होगा।

आवेदन की अंतिम तिथि और पोर्टल

  • आवेदन की अंतिम तिथि: 07 जनवरी 2026
  • आवेदन पोर्टल:
  •  योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी (परियोजना विवरण, इकाई लागत, आवश्यक दस्तावेज):

नोट: भविष्य में यदि योजना में कोई संशोधन होता है, तो संशोधित प्रावधान ही लागू होंगे।

कौन कर सकता है आवेदन?

  • 👩‍🌾 महिला मत्स्य पालक
  • ✔️ पूर्व वर्षों में निरस्त या प्रतीक्षारत रहे आवेदक भी पुनः आवेदन के पात्र
  • ✔️ योजना के मानकों को पूरा करने वाले इच्छुक लाभार्थी

ऑफलाइन सहायता भी उपलब्ध

ऑनलाइन आवेदन में किसी प्रकार की परेशानी होने पर आवेदक मत्स्य विभाग के जनपदीय कार्यालय,
📍 निकट रोडवेज, कलेक्ट्रेट रोड, बिजनौर
पर किसी भी कार्य दिवस में संपर्क कर सकते हैं और विस्तृत मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

विश्लेषण: क्यों खास है यह योजना?

यह योजना केवल तकनीकी सहायता नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम है।

  • मछली पालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ना
  • महिला उद्यमिता को बढ़ावा
  • कम लागत में अधिक मुनाफा
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

डिजिटल आवेदन प्रक्रिया इस योजना को पारदर्शी और सुलभ बनाती है, जिससे वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है।

निष्कर्ष

यदि आप या आपके आसपास कोई महिला मत्स्य पालन से जुड़ी है, तो यह योजना आर्थिक उन्नति का बड़ा अवसर साबित हो सकती है। सीमित समय के लिए खुले इस आवेदन पोर्टल का लाभ उठाकर महिलाएं आधुनिक मत्स्य पालन की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ा सकती हैं।

👉 7 जनवरी से पहले आवेदन जरूर करें — मौका हाथ से न जाने दें!

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