खनन से निकलेगा विकास का रास्ता ! बिजनौर में DMF फंड पर जिलाधिकारी जसजीत कौर की सख़्त गाइडलाइन, पारदर्शिता और गुणवत्ता पर ज़ोर
खनन प्रभावित गांवों तक पहुँचेगा ‘खनिज का हक़’, DMF निधि के उपयोग पर प्रशासन ने कसी कमर
बिजनौर | 29 दिसंबर 2025
खनन से प्रभावित क्षेत्रों के विकास को लेकर बिजनौर प्रशासन ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) न्यास की शासी परिषद की बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया—
👉 “खनिज निकले, तो उसका लाभ सबसे पहले प्रभावित गांवों और लोगों तक पहुँचे।”
DMF फंड का असली मकसद क्या है? जिलाधिकारी ने किया साफ
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जिला खनिज फाउंडेशन का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि खनन से प्रभावित लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि—
- केंद्र सरकार द्वारा एमडीआर अधिनियम 1957 की धारा 20(क) के तहत
- प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) को
- राज्य सरकारों के DMF नियमों में शामिल कर
- राष्ट्रहित में सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं
DMF निधि का 70% पैसा कहाँ खर्च होगा? (फोकस एरिया)
जिलाधिकारी ने बताया कि DMF न्यास निधि का 70 प्रतिशत भाग निम्नलिखित प्राथमिक क्षेत्रों में खर्च किया जाना अनिवार्य है—
- 🚰 पेयजल आपूर्ति
- 🌱 पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण
- 🏥 स्वास्थ्य सेवाएं
- 🏫 शिक्षा
- 👩👧 महिला एवं बाल कल्याण
- ♿ दिव्यांगजन एवं वृद्धजन कल्याण
- 🛠️ कौशल विकास
- 🚽 स्वच्छता
👉 हर योजना का लाभ सीधे खनन प्रभावित ग्रामों के वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँचना चाहिए।
विधायकों की सिफारिशों पर विशेष निर्देश, इन कार्यों को मिली प्राथमिकता
बढ़ापुर विधानसभा (विधायक–19)
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए—
- विकासखंड कोतवाली
- ग्राम नरूल्लापुर
- मौजा ज्वाली एवं अलीपुर मिट्ठन
➡️ क्षतिग्रस्त मार्गों और जल निकासी नालों का निर्माण प्राथमिकता से कराया जाए।
नगीना विधानसभा
- ग्राम मलकपुर देहरी से छजुपुरा (लगभग 800 मीटर)
- किरतपुर–अकबराबाद रोड से गोविंदपुर अंबेडकर भवन (लगभग 500 मीटर)
➡️ रास्तों को पक्का करने की उपयुक्तता की जांच कर, उपयुक्त पाए जाने पर
प्राक्कलन सहित प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश।
DMF कार्यों पर प्रशासन की सख़्ती: लापरवाही नहीं चलेगी
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने दो टूक कहा—
- ✅ सभी कार्य नियमावली के अनुरूप
- ✅ पूर्ण पारदर्शिता
- ✅ उच्च गुणवत्ता
- ✅ समयबद्ध पूर्णता
👉 DMF फंड में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्यों अहम है यह बैठक? (विश्लेषण)
यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि संकेत है कि—
- प्रशासन अब DMF फंड को कागज़ों से निकालकर ज़मीन पर उतारने की दिशा में गंभीर है
- वर्षों से उपेक्षित खनन प्रभावित गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश तेज़ हुई है
- विधायक सिफारिशों पर सीधी प्रशासनिक निगरानी सुनिश्चित की जा रही है
बैठक में कौन-कौन अधिकारी रहे मौजूद?
- अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) — वान्या सिंह
- उप जिलाधिकारी सदर — रितु चौधरी
- अधिशासी अभियंता (R.E.S.) — फिरोज़ दोस्त
- खनन निरीक्षक
- अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी
निष्कर्ष
खनन से होने वाले नुकसान की भरपाई अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस योजनाओं और सख़्त निगरानी के साथ होगी।
यदि प्रशासन अपने निर्देशों पर अमल कराता है, तो DMF निधि वास्तव में खनन प्रभावित क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो सकती है।











