बिजनौर में कुपोषण पर प्रशासन का ‘कड़ा प्रहार’
डीएम जसजीत कौर का अल्टीमेटम: अब लापरवाही नहीं, पोषण व्यवस्था में जवाबदेही तय
बिजनौर | 29 दिसंबर 2025
कुपोषण के खिलाफ बिजनौर प्रशासन ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में हुई जिला पोषण समिति की अहम बैठक में साफ संदेश दे दिया गया—अब आंकड़ों की बाज़ीगरी नहीं चलेगी, ज़मीनी हकीकत पर काम होगा, वरना कार्रवाई तय है।
यह बैठक महज़ समीक्षा नहीं, बल्कि कुपोषण मुक्त बिजनौर के लक्ष्य को लेकर प्रशासनिक चेतावनी और रोडमैप दोनों साबित हुई।
डीएम का स्पष्ट संदेश
“कुपोषण कोई फाइल नहीं, यह बच्चों और माताओं का भविष्य है”
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि कुपोषण को विभागीय नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी समझा जाए।
कुपोषित बच्चों पर सख़्ती से निगरानी
- चिन्हित कुपोषित एवं सैम बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य
- एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) से किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं
- दवाइयों का 100% वितरण और पोर्टल पर अद्यतन फीडिंग अनिवार्य
- पोषण ट्रैकर पर गलत या अधूरी एंट्री पर जवाबदेही तय
वजन में गड़बड़ी पड़ी तो कार्रवाई तय
- आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का नियमित वजन अनिवार्य
- लापरवाही मिलने पर संबंधित सीडीपीओ व आंगनबाड़ी कार्यकत्री पर कार्रवाई
- वजन मशीन की उपलब्धता और कार्यशीलता की समीक्षा
बेबी फ्रेंडली आंगनबाड़ी पर फोकस
- सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेबी फ्रेंडली फर्नीचर की 100% उपलब्धता
- जिन केंद्रों पर फर्नीचर नहीं या क्षतिग्रस्त है, वहां तत्काल आपूर्ति
- बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश
पोषण सिर्फ राशन नहीं, गुणवत्ता भी ज़रूरी
- गुणवत्तापूर्ण गर्म पका भोजन पर विशेष ध्यान
- टेक होम राशन के वितरण में पारदर्शिता
- माताओं को पोषण शिक्षा देने के निर्देश
महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए ग्राम चौपाल मॉडल
- गांव-गांव में ग्राम चौपालों का आयोजन
- गर्भवती व धात्री महिलाओं को एबीसी जूस (सेब, चुकंदर, गाजर) के लाभ बताए जाएंगे
- पोषण को जीवनशैली से जोड़ने पर ज़ोर
डिजिटल निगरानी सिस्टम की कड़ी समीक्षा
- पोषण ट्रैकर पर फीडिंग की स्थिति
- ई-कवच पोर्टल पर डाटा अपडेट
- पोषाहार वितरण की रियल-टाइम निगरानी
- आंकड़ों और ज़मीनी कार्य में अंतर मिलने पर स्पष्टीकरण अनिवार्य
कौन-कौन रहा मौजूद
- मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह
- जिला कार्यक्रम अधिकारी शीतल वर्मा
- जिला पंचायत राज अधिकारी
- जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी लक्ष्मी देवी
- डीसी मनरेगा सहित आईसीडीएस विभाग के समस्त अधिकारी
क्यों है यह बैठक खास?
👉 पहली बार कुपोषण को लेकर सीधी चेतावनी
👉 पोर्टल फीडिंग और ज़मीनी काम का क्रॉस वेरिफिकेशन
👉 लापरवाही पर कार्रवाई की स्पष्ट घोषणा
👉 बच्चों और माताओं को केंद्र में रखकर नीति निर्धारण
निष्कर्ष
बिजनौर में कुपोषण के खिलाफ प्रशासन अब एक्शन मोड में है। डीएम जसजीत कौर की सख़्त भाषा और स्पष्ट निर्देश यह संकेत दे रहे हैं कि अब योजनाएं काग़ज़ों में नहीं, ज़मीन पर दिखाई देंगी। सवाल सिर्फ एक है—क्या सिस्टम इस चुनौती पर खरा उतरेगा?
👉 पढ़ते रहिए, सच की गहराई तक…










