कलेक्टरेट में शिक्षा पर सख़्त एक्शन
डीएम जसजीत कौर का दो-टूक आदेश—“स्वेटर बिना बच्चा नहीं, लापरवाही बिना कार्रवाई नहीं”
बिजनौर में शिक्षा सुधार की बड़ी समीक्षा बैठक
ऑपरेशन कायाकल्प और पीएम श्री योजना की जमीनी हकीकत परखी, अफसरों को तय समय में परिणाम देने का अल्टीमेटम
बिजनौर।
जिले की परिषदीय शिक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय टास्क फोर्स व ऑपरेशन कायाकल्प की समीक्षा बैठक में सख़्त और स्पष्ट रुख अपनाया। डीएम ने कहा—“बच्चों की पढ़ाई, सुरक्षा और सुविधा में कोई समझौता नहीं होगा।”
सर्दी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: यूनिफॉर्म और जूतों पर सख़्त निर्देश
डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि
- हर विद्यालय में शिक्षक–अभिभावक बैठक अनिवार्य रूप से कराई जाए
- अभिभावकों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि कोई भी बच्चा बिना स्वेटर और जूते के स्कूल न आए
- सर्दी को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी स्तर पर खिलवाड़ न हो
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर पर कड़ा फोकस: “एक भी पात्र वंचित न रहे”
डीएम ने दो टूक कहा कि
- शासन से मिलने वाली धनराशि समय से अभिभावकों के खातों में पहुंचे
- एक भी पात्र छात्र या अभिभावक लाभ से वंचित न रहने पाए
- इसमें लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी
पीएम श्री योजना: अब निगरानी सिर्फ काग़ज़ों में नहीं
पीएम श्री योजना के अंतर्गत
- ब्लॉक, तहसील और टेक्निकल सदस्य को शामिल करते हुए
- एक विशेष मॉनिटरिंग टीम के गठन के निर्देश दिए गए
- टीम स्कूलों में सुविधाओं की तकनीकी व भौतिक जांच करेगी
कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी पर सख़्ती: “लैब है तो चले भी”
सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया गया कि—
- प्रत्येक विद्यालय की कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी की वास्तविक स्थिति की जांच करें
- कितने कंप्यूटर हैं, कितने चालू हैं—पूरा डेटा अपडेट करें
- तकनीकी समस्या आते ही तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करें
मेधावी छात्रों पर विशेष रणनीति: जिले का नाम रोशन करने की तैयारी
डीएम ने निर्देश दिए कि—
- हर ब्लॉक में मेधावी छात्र-छात्राओं को चिन्हित किया जाए
- उन्हें आगे बढ़ाने के लिए विशेष शैक्षिक सुविधाएं और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए
- लक्ष्य साफ़—बिजनौर को शिक्षा में मॉडल जिला बनाना
IGRS शिकायतें: अब औपचारिक नहीं, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
आईजीआरएस पोर्टल को लेकर डीएम ने सख़्त चेतावनी दी—
- शिकायतों का निस्तारण सीधे शिकायतकर्ता से वार्ता कर किया जाए
- सिर्फ क्लोज़िंग नहीं, क्वालिटी सॉल्यूशन दिया जाए
- जिले की रैंकिंग से कोई समझौता नहीं
ऑपरेशन कायाकल्प: बुनियादी सुविधाओं की गहन समीक्षा
बैठक में परिषदीय विद्यालयों में—
- स्वच्छ पेयजल
- शौचालय
- फर्नीचर
- विद्युत व्यवस्था
- रैंप
- खेल सामग्री
- पुस्तकालय सहित अन्य सुविधाओं
की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शेष कार्य तय समयसीमा में, गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में—
- मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह
- जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कासना
- सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी
- अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी
मौजूद रहे।
यह बैठक केवल समीक्षा नहीं, बल्कि शिक्षा तंत्र को जवाबदेह बनाने की चेतावनी है। डीएम जसजीत कौर का फोकस साफ़ है—सुविधा, सुरक्षा और गुणवत्ता, तीनों मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई। अब देखना होगा कि ज़मीनी अमल कितना तेज़ और प्रभावी होता है।
👉 क्योंकि आदेश साफ़ हैं—अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं।











