“जंगल की संपदा पर डाका!”
बिजनौर में सरकारी पेड़ों की अवैध कटान और ढुलान का बड़ा खुलासा
मौके पर ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, ठेकेदार नसीम अहमद पर मुकदमा
📌 सूचना मिली, तो मचा हड़कंप
बिजनौर रेंज के जंगलों से अवैध लकड़ी तस्करी की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम अलर्ट हो गई। 18 सितम्बर की शाम करीब 6 बजे टीम ने छापा मारा तो सरकारी यूकेलिप्टस के पेड़ों का जखीरा मौके पर ही पकड़ा गया।
रंगे हाथ पकड़ा गया खेल
छापे के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली (UP 20 AK 5297) लकड़ी से लदी खड़ी मिली। पास ही एक और ट्रॉली भी संदिग्ध हालत में थी। जांच में पता चला कि यह लकड़ी संरक्षित वनों और वन निगम के लॉट से अवैध रूप से काटकर नसीम अहमद के निजी टोल पर जमा की जा रही थी।
कबूलनामे से खुला राज
मौके पर मौजूद नसीम अहमद ने माना कि लकड़ी सरकारी लॉट से काटकर उसके ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए यहां लाई गई है। लेकिन जब वैध अभिवहन प्रपत्र मांगे गए तो वह कोई भी कागज़ात पेश नहीं कर सका।
सबूत पुख्ता, कार्रवाई तगड़ी
- वन अधिकारियों ने मौके पर ही जीपीएस लोकेशनयुक्त फोटो और वीडियो सबूत के तौर पर सुरक्षित किए।
- ट्रैक्टर-ट्रॉली और जब्त प्रकाष्ठ को सीज कर लिया गया।
- नसीम अहमद के खिलाफ वन अपराध की धाराओं में H2 केस दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई।
वन विभाग की सख्त चेतावनी
वन विभाग ने कहा कि सरकारी जंगलों की संपदा पर डाका डालने वालों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा।
“सरकारी वृक्षों की अवैध कटान और ढुलान पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।”
👉 यह कार्रवाई इलाके में लंबे समय से सक्रिय लकड़ी तस्करों के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।












