कॉलेजों में अवैध वसूली का खेल!
एबीवीपी का बड़ा आंदोलन, चार दिन का अल्टीमेटम – “भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”

संभल से ग्राउंड रिपोर्ट
शिक्षा को ज्ञान का मंदिर कहा जाता है, लेकिन संभल जनपद में चल रहे कुछ कॉलेजों ने इसे धंधे का अड्डा बना दिया है। गुरु गोविंद सिंह कॉलेज ऑफ एजुकेशन और दयानंद सरस्वती कॉलेज ऑफ एजुकेशन पर छात्रों से अवैध वसूली और मनमानी के गंभीर आरोप लगे हैं।
शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने दोनों कॉलेजों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और प्रबंधन के खिलाफ भ्रष्टाचार, शैक्षिक कदाचार और सुविधा अभाव के मुद्दे उठाए।
🔎 एबीवीपी के आरोप: “शिक्षा नहीं, सिर्फ वसूली”
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दोनों संस्थान एक ही भवन से संचालित हो रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार यह पूरी तरह अवैध है।
- प्रैक्टिकल और पेपर के नाम पर वसूली
छात्रों से प्रैक्टिकल कराने के नाम पर पैसे लिए जाते हैं। यहां तक कि यदि कोई छात्र क्लास में अनुपस्थित हो तो उसे पैसों के दम पर पेपर दिलवा दिया जाता है। - डी-फार्मा कोर्स में धांधली
बिना किसी काउंसलिंग प्रक्रिया के सीधे प्रवेश देकर एक छात्रा से 5 लाख रुपये तक वसूलने का मामला सामने आया है। - फीस के बदले डिग्री का खेल
छात्र नेताओं का कहना है कि यहां वास्तविक पढ़ाई का कोई माहौल नहीं है। फीस भरने के बाद छात्रों को महज औपचारिकता निभाकर डिग्री थमा दी जाती है।
🏫 सुविधाओं का टोटा, छात्रों का नुकसान
- कॉलेज में कंप्यूटर लैब और प्रयोगशाला जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं।
- विषयवार शिक्षक तक उपलब्ध नहीं हैं।
- कॉलेज में न प्राचार्य की नियुक्ति है और न ही स्थायी संकाय।
- सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह गायब है, जिससे छात्र-छात्राओं को खतरे में पढ़ना पड़ता है।
🎙️ एबीवीपी नेताओं का आक्रोश
- लक्षित सिंघल (प्रांत सहमंत्री, एबीवीपी)
👉 “ये कॉलेज छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। फीस लेकर बिना पढ़ाई सिर्फ डिग्री थमा दी जाती है।” - विकास शर्मा (विभाग संयोजक, एबीवीपी)
👉 “यहां सिर्फ पैसों के बल पर पास कराया जाता है। शिक्षा पूरी तरह से बाजार का माल बन चुकी है।”
⚠️ प्रशासन को अल्टीमेटम
एबीवीपी ने प्रशासन को चार दिन का समय दिया है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो कॉलेज परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
परिषद ने यह भी कहा कि अगर हालात बिगड़े तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
👥 आंदोलन में शामिल रहे कार्यकर्ता
इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रमुख नाम इस प्रकार हैं –
- दिवाकर बावरा (विभाग संगठन मंत्री)
- पीयूष बिडोलिया (जिला संयोजक)
- शोभित मंगत (जिला मीडिया संयोजक)
- अपिल चौधरी (जिला संयोजक एसएफएस)
- हरित कसाना (तहसील सह संयोजक)
साथ ही हरमन ठाकुर, लकी पंडित, हर्ष सिद्ध, हितेश, शेखर प्रजापति, आदित्य प्रजापति, अमर प्रजापति, कुणाल, अपूर्व, हिमांशु सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
हाइलाइटर
- एबीवीपी ने कॉलेज प्रबंधन पर लगाया अवैध वसूली और धांधली का आरोप।
- छात्रों से प्रैक्टिकल, पेपर और एडमिशन के नाम पर लाखों की वसूली।
- कॉलेजों में सुविधाओं और शिक्षकों का घोर अभाव।
- चार दिन का अल्टीमेटम – नहीं हुई कार्रवाई तो धरना स्थायी होगा।
👉 यह मामला सिर्फ दो कॉलेजों तक सीमित नहीं, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जब शिक्षा ही व्यवसाय का शिकार बन जाएगी, तो छात्रों के सपने और भविष्य दोनों खतरे में पड़ जाएंगे।










