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बढ़ापुर में खो नदी में डूबकर व्यक्ति की मौत, शव पोस्टमार्टम को भेजा 

बढ़ापुर में खो नदी में डूबकर व्यक्ति की मौत, शव पोस्टमार्टम को भेजा

बिजनौर/बढ़ापुर, 22 अगस्त 2025। नगीना थाना क्षेत्र के बढ़ापुर इलाके में गुरुवार देर रात खो नदी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान बलवंत सिंह के रूप में हुई है, जो जहानाबाद खोबड़ा गांव का निवासी बताया गया। मौके पर पहुँची पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक सूचना के अनुसार फिसलकर संतुलन बिगड़ने से वह गहरे पानी में चला गया।

घटनाक्रम

स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, हादसा रात के समय हुआ जब बलवंत सिंह खो नदी के किनारे थे। संतुलन बिगड़ने पर वे तेज बहाव के साथ गहरे हिस्से में जा पहुँचे। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस व ग्रामीणों की मदद से तलाश की गई। बाद में शव बरामद कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस/प्रशासन की कार्रवाई

नगीना थाना पुलिस ने मृतक की शिनाख्त कर परिजनों को सूचित किया और आवश्यक विधिक कार्यवाही के तहत शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। प्रारंभिक जाँच में किसी प्रकार की आपराधिक आशंका सामने नहीं आई है; पुलिस ने कहा कि विस्तृत तथ्यों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

पृष्ठभूमि व स्थानीय संदर्भ

खो नदी का प्रवाह मानसून में तेज़ रहता है। हाल के दिनों में पश्चिमी यूपी—विशेषकर मेरठ-बिजनौर बेल्ट—में ऊँचे जलस्तर व बाढ़ जैसे हालात की खबरें आई हैं, जिससे नदी-नालों में बहाव बढ़ा हुआ है। ऐसे मौसम में नदी किनारों पर फिसलन और गहराई का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय प्रशासन ने हाल ही में खो नदी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया था।

पहले भी हो चुके हैं हादसे

बढ़ापुर क्षेत्र में खो नदी के आसपास पहले भी डूबने की घटनाएँ सामने आती रही हैं। वर्ष 2023 में इसी क्षेत्र में एक बालक की डूबकर मृत्यु का मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद नदी किनारों पर सतर्कता बढ़ाने की मांग उठी थी।

फ़ैक्ट बॉक्स

  • स्थान: खो नदी, नगीना थाना क्षेत्र—बढ़ापुर (बिजनौर) ।
  • मृतक: बलवंत सिंह, निवासी—जहानाबाद खोबड़ा गांव।
  • समय: गुरुवार देर रात।
  • प्रारंभिक कारण: फिसलकर संतुलन बिगड़ना, तेज बहाव/गहरी धारा में जाना।
  • कार्रवाई: पुलिस ने पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम को भेजा; विस्तृत जाँच जारी।

सावधानी व अपील

बरसात के मौसम में नदी किनारे फिसलन, कटान और गहरे गड्ढों का ख़तरा बना रहता है। प्रशासन व विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि अंधेरा होने पर नदी किनारे जाने से बचें, चेतावनी/बैरिकेड का पालन करें और स्थानीय लोगों/राजस्व-प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों पर ध्यान दें। (यह सामान्य सार्वजनिक हित सलाह है।)

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