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ग्राम भागेन में विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप, ग्रामीण ने DM से निष्पक्ष जांच की मांग

ग्राम भागेन में विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप, ग्रामीण ने DM से निष्पक्ष जांच की मांग

बिजनौर, 29 जुलाई 2025।  जनपद बिजनौर के विकास खंड मौ.पुर देवमल के अंतर्गत आने वाले ग्राम भागेन में सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों में व्यापक पैमाने पर अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीण मुकेश कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी को दो अलग-अलग प्रार्थना पत्र भेजकर इन कार्यों की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व ग्राम प्रधान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

क्या हैं आरोप?

मुकेश कुमार का आरोप है कि ग्राम प्रधान और सचिव ने आपसी मिलीभगत से गांव में हुए लगभग सभी विकास कार्यों में भ्रष्टाचार किया है। उनका कहना है कि—

  1. टेंडर और विज्ञापन प्रक्रिया को दरकिनार किया गया – किसी भी कार्य के लिए न तो टेंडर निकाला गया, न ही अखबार में विज्ञापन प्रकाशित हुआ।
  2. एक ही फर्म को भुगतान – सड़क निर्माण, स्टोनदारी, मिट्टी सफाई और अन्य सभी कार्यों का भुगतान एक ही फर्म के नाम से किया गया।
  3. सीसी रोड निर्माण में गड़बड़ी – मनीजों के घर से रामौतार के घर तक बनी सीसी रोड का अभी तक इस्टीमेट तैयार नहीं हुआ, फिर भी निर्माण कर भुगतान कर दिया गया।
  4. गुणवत्ता पर गंभीर सवाल – नई बनी सीसी रोड में दरारें पड़ गई हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निर्माण में मानकों की अनदेखी हुई है।
  5. असमान विकास – कुछ हिस्सों में सीसी रोड का निर्माण कर दिया गया, जबकि अन्य हिस्सों में सड़क निर्माण की अनदेखी की गई।
  6. सरकारी फंड का दुरुपयोग – राज्य और केंद्र सरकार से प्राप्त बजट को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया और इसे निजी लाभ के लिए खर्च किया गया।

शिकायत के उदाहरण

प्रार्थना पत्र में विशेष रूप से एक उदाहरण दिया गया है — मनीजों के घर से रामौतार के घर तक बनी सीसी रोड, जिसका न तो इस्टीमेट बना और न ही काम पूरा होने के बावजूद गुणवत्ता सुनिश्चित की गई। रोड बनने के कुछ ही समय बाद इसमें दरारें आ गईं, जो निर्माण कार्य में लापरवाही और संभावित धांधली को दर्शाता है।

निष्पक्ष जांच की मांग

मुकेश कुमार ने पत्रों में स्पष्ट रूप से मांग की है कि—

  • मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • जांच के दौरान सभी वित्तीय दस्तावेज, भुगतान रजिस्टर और निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच हो।
  • दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को सार्वजनिक रूप से बेनकाब किया जाए।
  • राज्य और केंद्र से आए विकास बजट के उपयोग का ऑडिट कराया जाए।

उन्होंने अपने एक पत्र के साथ शपथ पत्र भी संलग्न किया है, ताकि उनके आरोपों को औपचारिक और कानूनी मजबूती मिल सके।

सीडीओ का बयान

इस संबंध में सीडीओ पूर्ण बोरा ने हमारे प्रतिनिधि को बताया

“इस शिकायत की शीघ्र ही जांच कराकर निस्तारण कराया जाएगा।”

ग्रामीणों में बढ़ी नाराजगी

गांव के अन्य निवासियों में भी इस मामले को लेकर असंतोष है। उनका कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर कागज़ी खानापूर्ति की जा रही है, जबकि वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा।
कुछ ग्रामीणों का यह भी मानना है कि यदि इस प्रकार की अनियमितताओं पर समय रहते लगाम नहीं लगाई गई, तो भविष्य में सरकारी योजनाओं पर से लोगों का भरोसा उठ जाएगा।

अगले कदम पर निगाहें

अब ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन और विकास विभाग पर टिकी हैं कि वे इन गंभीर आरोपों पर कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करते हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह जांच न केवल ग्राम भागेन, बल्कि पूरे विकास खंड में भ्रष्टाचार की संभावनाओं को उजागर कर सकती है।

 

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