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बिजनौर की “रोलर क्वीन” ने एशिया में मचाया धमाल सिल्वर मेडल जीतकर बढ़ाया जिले का मान

 बिजनौर की “रोलर क्वीन” ने एशिया में मचाया धमाल सिल्वर मेडल जीतकर बढ़ाया जिले का मान

           डीएम जसजीत कौर ने किया सम्मानित

बिजनौर, 11 अगस्त 2025।  छोटे से शहर की बड़ी उड़ान… बिजनौर की तीन बेटियों ने वो कर दिखाया है, जिसका सपना कई खिलाड़ी देखते हैं। 20वीं एशियन रोलर स्केटिंग चैम्पियनशिप-2025 में रोलर डर्बी इवेंट के ट्रैक पर रफ्तार, जज़्बा और जुझारूपन दिखाते हुए वैष्णवी शर्मा (पुत्री श्री गोपाल शर्मा), श्रेया (पुत्री श्री शीषपाल सिंह) और आकृति सोरियान (पुत्री श्री सतेन्द्र कुमार) ने सिल्वर मेडल पर कब्ज़ा कर लिया।

 ट्रैक पर ताबड़तोड़ प्रदर्शन

मुकाबले के दौरान तीनों खिलाड़ियों ने विरोधी टीमों को अपनी स्पीड, स्किल और स्ट्रेटेजी से चौंका दिया। हर राउंड में दर्शकों की निगाहें इन्हीं पर टिकी रहीं। फाइनल में भले ही गोल्ड से बस एक कदम दूर रह गईं, लेकिन सिल्वर मेडल ने भी बिजनौर का नाम अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर चमका दिया।

 सम्मान और प्रोत्साहन का पल

जिले की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए प्रत्येक को ₹25,000/- (कुल ₹75,000/-) की डाइट मनी भेंट की।

 सम्मान समारोह में खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था।
जसजीत कौर ने कहा —

“जनपद की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। यह सफलता खेल जगत ही नहीं, हर युवा के लिए प्रेरणादायक है। जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

 मेहनत और अनुशासन का नतीजा

जिला क्रीड़ाधिकारी राजकुमार ने बताया कि यह जीत आसान नहीं थी।

“तीनों खिलाड़ियों ने कठिन परिश्रम, सख्त अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। इनकी यह सफलता जिले के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।”

 क्यों है यह जीत खास?

  • छोटे शहर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक — बिजनौर की बेटियां अब रोलर स्केटिंग में पहचाना नाम बन चुकी हैं।
  • महिला खिलाड़ियों के लिए मिसाल — इस जीत से जिले की और बेटियां खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित होंगी।
  • प्रशासनिक सहयोग — कैश रिवॉर्ड और सम्मान से खिलाड़ियों का मनोबल और ऊंचा हुआ है।
  • खेल में बढ़ती संभावनाएं — रोलर स्केटिंग जैसे खेल में बिजनौर की सक्रिय उपस्थिति भविष्य के लिए बड़ी उम्मीद है।

इन बेटियों की कहानी साफ कहती है — सपने देखने की हिम्मत रखो, मेहनत से उन्हें हकीकत में बदलना मुमकिन है।
बिजनौर की रफ्तार अब एशिया से दुनिया की ओर…

 

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