स्कूली बच्चों को रौंदते डंपर, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा; प्रशासन ने की ताबड़तोड़ कार्रवाई

बिजनौर, उत्तर प्रदेश:
थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के कंभोर गांव में तेज रफ्तार डंपर ने स्कूली छात्र-छात्राओं को टक्कर मार दी। हादसे में तीन बच्चे घायल हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने डंपर रोककर सड़क जाम कर दिया और प्रशासन को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस और तहसील प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन डंपर सीज कर दिए।
मुख्य बिंदु – एक नजर में:
- तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से छात्र-छात्राएं घायल
गांव कंभोर के कनक, राधिका और अभय कुमार स्कूल जाते समय स्कूटी से दुर्घटनाग्रस्त हुए। - घायल बच्चों को भेजा गया अस्पताल
प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। - ग्रामीणों ने रोके डंपर, जताया विरोध
आक्रोशित ग्रामीणों ने मिट्टी ढोते डंपरों को मौके पर ही रोक लिया। - प्रशासन की सख्त कार्रवाई
नायब तहसीलदार सार्थक चावला ने पहुंचकर 6 डंपरों को सीज किया, चाबियां और कागजात जब्त। - विधिवत जांच के आदेश
नायब तहसीलदार ने कहा—डंपरों की वैधता, रफ्तार, फिटनेस एवं मार्ग की स्थिति की जांच की जा रही है।
विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण:
यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में बेतरतीब और बेतोक नियोजित खनन व परिवहन व्यवस्था की भयावह तस्वीर है। स्कूली बच्चों की जान जोखिम में डालकर कैसे रफ्तार का कहर बरपाया जा रहा है, यह घटना उसका जीता-जागता प्रमाण है।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह सवाल उठता है कि इन डंपरों की आवाजाही पर पहले निगरानी क्यों नहीं थी?
क्या नियमों की अनदेखी कर सड़कें खनन के वाहनों की गिरफ्त में आ चुकी हैं?
क्या चाहिए आगे?
- स्कूली समय में भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक
- ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैफिक नियंत्रण के कड़े नियम
- खनन और परिवहन की संयुक्त निगरानी व्यवस्था
- दोषी डंपर मालिकों व चालकों पर आपराधिक मुकदमा
यह खबर उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते सड़क असुरक्षा के संकट की एक गंभीर चेतावनी है, जिसे नजरअंदाज करना आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा से समझौता होगा।
📌 रिपोर्ट: Target TV Live










