Target Tv Live

मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक में नरेगा घोटाला: दो लाख की सीमा के बावजूद चार लाख तक का भुगतान !

मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक में नरेगा घोटाला: दो लाख की सीमा के बावजूद चार लाख तक का भुगतान !

BIJNOR. मोहम्मदपुर देवमल (विशेष संवाददाता): महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) के तहत भूसामतलीकरण कार्यों के लिए अधिकतम दो लाख रुपये तक की वित्तीय स्वीकृति दी जा सकती है, लेकिन मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक में इस नियम को ताक पर रख दिया गया। आरोप है कि डेढ़ दर्जन से अधिक लाभार्थियों को दो लाख की सीमा को पार करते हुए तीन से चार लाख रुपये तक का भुगतान किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह सारा खेल सिर्फ कागजों पर हुआ है और इसमें अधिकारियों व ठेकेदारों की मिलीभगत से सरकारी धन की खुली लूट की गई है।

कागजों पर हुआ काम, फर्जी भुगतान की आशंका

ग्रामीणों का आरोप है कि भूसामतलीकरण कार्य का कोई वास्तविक सबूत नहीं है, लेकिन खातों में लाखों रुपये जारी कर दिए गए। सवाल यह है कि जब नियम के अनुसार अधिकतम दो लाख रुपये ही दिए जा सकते हैं, तो फिर कार्यक्रम अधिकारी ने चार लाख तक के भुगतान को कैसे मंजूरी दी? क्या यह अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच गहरी साठगांठ का मामला नहीं है?

डेढ़ दर्जन लाभार्थियों को नियम विरुद्ध राशि, दो दर्जन से अधिक को अधिक भुगतान

सूत्रों के मुताबिक, दो दर्जन से अधिक लोगों को दो लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया, जबकि डेढ़ दर्जन लाभार्थियों को चार लाख रुपये तक की मंजूरी मिली। यह स्पष्ट रूप से नरेगा के वित्तीय प्रावधानों का उल्लंघन है। सवाल यह भी उठता है कि जब नरेगा के दिशा-निर्देश इतने स्पष्ट हैं, तो फिर ब्लॉक स्तर पर यह घोटाला कैसे अंजाम दिया गया?

गांवों में स्वीकृत व खर्च की गई राशि

गांव

स्वीकृत

खर्च बजट

इच्छावाला

3,99,261

3,80,308

बहादरपुर जट

3,98,971

80,960

नसीरी

3,89,120

3,83,640

दयालवाला

3,62,050

2,87,040

कुंवरपुर चतरभोज

3,32,405

98,592

भोजपुर भोपतपुर

3,28,062

1,57,080

करीमपुर बमनोली

3,20,133

00

करीमपुर बसनोली

3,16,399

2,62,548

सादकपुर

3,13,844

00

काजीवाला

2,90,597

1,70,877

नसीरी

2,76,540

2,69,380

करीमपुर बमनोली

2,63,883

2,37,130

बड़कला

2,52,018

00

फजलपुर

2,47,331

2,30,928

दयालवाला

2,26,078

1,35,864

स्वाहेडी खुर्द

2,20,630

1,81,356

काजीवाला

2,13,923

1,97,800

योग

51,51,245

30,37,453

कार्यक्रम अधिकारी की भूमिका संदिग्ध, उच्चाधिकारियों की भी मिलीभगत?

इस घोटाले में सबसे बड़ा सवाल कार्यक्रम अधिकारी की भूमिका पर उठता है। क्या उन्होंने यह स्वीकृति अकेले दी, या फिर इसमें उच्चाधिकारियों की भी मिलीभगत थी? क्या ब्लॉक प्रशासन ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई, या फिर मिलीभगत के चलते इसे अनदेखा कर दिया गया?

जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह एक बड़े नरेगा घोटाले का खुलासा हो सकता है, जिसमें सरकारी धन की लूट की गई है।

अब यह देखना होगा कि प्रशासन दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी दूसरी फाइलों की तरह धूल फांकता रहेगा। क्या भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसेगा, या गरीबों के हक के पैसे की यह लूट यूं ही चलती रहेगी?

Leave a Comment

यह भी पढ़ें