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जिला प्रशासन की सतर्कता: होली और ईद उल फितर के लिए कड़े सुरक्षा और समन्वय के निर्देश

जिला प्रशासन की सतर्कता: होली और ईद उल फितर के लिए कड़े सुरक्षा और समन्वय के निर्देश

बिजनौर : जिले में आगामी होली, रमजान और ईद उल फितर जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कानून व्यवस्था, बिजली, पानी, और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए।

जिलाधिकारी कौर ने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी व्यक्ति धार्मिक उन्माद या सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली गतिविधियों में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी विशेष सतर्कता बरतने की अपील की और कहा कि किसी भी आपत्तिजनक टिप्पणी या पोस्ट से परहेज करें, जिससे किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने थानावार रणनीति पर विस्तार से चर्चा की और त्योहारों के दौरान निकलने वाले जुलूसों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय धर्मगुरुओं से संवाद कर आपसी सम्मान और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की।

प्रशासन की तैयारी:

  • सफाई और मूलभूत सुविधाएं: नगर पालिका और नगर पंचायतों को विशेष सफाई अभियान चलाने, सार्वजनिक स्थलों पर प्रकाश और पानी की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
  • शांति समिति की सक्रियता: स्थानीय स्तर पर शांति समितियों को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी विवाद की स्थिति में त्वरित संवाद और समाधान हो सके।
  • सुरक्षा व्यवस्था: संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाएगी, साथ ही ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।

समुदायों से अपील:
जिलाधिकारी ने धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों से आह्वान किया कि यदि कहीं भी शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका हो, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन की प्रतिबद्धता है कि हर त्योहार परंपरा, प्रेम और शांति के साथ संपन्न हो।

सख्ती और सद्भाव का संतुलन:
प्रशासन की इस सक्रियता से स्पष्ट है कि वह किसी भी तरह की लापरवाही या शरारती तत्वों की साजिश को सफल नहीं होने देगा। वहीं, सामुदायिक समन्वय और संवाद को बढ़ावा देकर प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बिजनौर में त्योहारों की रंगीनियां और आध्यात्मिकता बिना किसी बाधा के बनी रहे।

इस विस्तृत योजना और प्रशासन की तत्परता से उम्मीद है कि बिजनौर में होली और ईद उल फितर जैसे त्योहार न केवल हर्षोल्लास के साथ मनाए जाएंगे, बल्कि एकता और भाईचारे की मिसाल भी पेश करेंगे। यह पहल दर्शाती है कि प्रशासन और समाज मिलकर किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं, बशर्ते दोनों का उद्देश्य एक हो — “शांति और सद्भाव की रक्षा।”

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