चकबंदी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

बिजनौर : जिले में चकबंदी कार्यों की धीमी प्रगति और लंबित वादों के निस्तारण में हो रही देरी पर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कस्बा हल्दौर और झालू के अंतर्गत चकबंदी कार्यों एवं वादों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने एसओसी चकबंदी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि चकबंदी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर चकबंदी कार्यों में शिथिलता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि चकबंदी कार्यों की शासन स्तर पर मॉनिटरिंग की जाती है, ऐसे में अधिकारियों को कार्यों में पारदर्शिता और गंभीरता बनाए रखनी होगी। उन्होंने अधिक समय से लंबित वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, ग्राम स्तर पर ग्राम चौपाल आयोजित कर वादों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विनय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) वान्या सिंह, डिप्टी कलेक्टर एवं जिला सूचना अधिकारी आशुतोष जैसवाल, एसओसी चकबंदी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विश्लेषण:
चकबंदी कार्यों का सही और समयबद्ध निस्तारण किसानों और ग्रामीणों के हित में महत्वपूर्ण होता है। लंबे समय तक लंबित वादों से न केवल प्रशासनिक ढांचे पर बोझ बढ़ता है, बल्कि इससे प्रभावित लोगों में असंतोष भी उत्पन्न होता है। जिलाधिकारी का सख्त रुख संकेत देता है कि अब चकबंदी कार्यों में लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
जिला प्रशासन का ग्राम चौपालों के माध्यम से वादों का निस्तारण करना एक सकारात्मक पहल है। इससे ग्रामीणों को अपने मामले रखने का सीधा अवसर मिलेगा और मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता बनी रहेगी। शासन स्तर से हो रही मॉनिटरिंग भी इस बात को सुनिश्चित करेगी कि निचले स्तर पर कोई अनियमितता न हो।
कुल मिलाकर, यदि दिए गए निर्देशों का सही प्रकार से पालन किया जाता है, तो आने वाले समय में बिजनौर जिले में चकबंदी कार्यों में तेजी और पारदर्शिता देखने को मिलेगी, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी।












