बिजनौर में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक: स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर

बिजनौर। जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पूर्ण बोरा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. कौशलेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
प्राथमिकताओं में आधार वेरिफिकेशन और आभा आईडी की रैंकिंग सुधार
बैठक में ब्लॉक वाइज डिलीवरी रिपोर्ट की समीक्षा की गई, जिसमें मंत्रा पोर्टल के अंतर्गत आधार वेरिफिकेशन को सही ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। आभा आईडी के तहत जनपद की कमजोर रैंकिंग को सुधारने पर भी जोर दिया गया। इससे स्पष्ट है कि प्रशासन डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को प्रभावी बनाने की दिशा में प्रयासरत है।
स्वास्थ्य केंद्रों की बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए। एनआरसी यूनिट के टॉयलेट की मरम्मत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं को सुचारू बनाए रखने पर बल दिया गया। यह निर्णय सरकार की मंशा के अनुरूप है कि आमजन को बेहतर और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं।
टीकाकरण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर जोर
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषणयुक्त आहार और आवश्यक टीके समय पर मिलें, यह सुनिश्चित करने के लिए एमओआईसी को नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। यह पहल मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध होगी।
आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में तेजी
स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को समय पर भुगतान दिलाने की जिम्मेदारी सीसीपीएम को सौंपी गई। इससे आशाओं का मनोबल बढ़ेगा और वे पूरी तत्परता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई। खासकर, सर्पदंश के इलाज के लिए आवश्यक एंटी स्नेक इंजेक्शन की उपलब्धता पर जोर दिया गया, जिससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को त्वरित इलाज मिल सके।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की प्रतिबद्धता
CDO पूर्ण बोरा ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। स्वास्थ्य मानकों को ध्यान में रखते हुए जिले में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान की जाएं।
इस बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के साथ-साथ सुधार के ठोस कदम उठाने की योजना बनी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी बनाने, टीकाकरण अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने, आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में तेजी लाने और बुनियादी सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश दिए गए। यह स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि इन निर्देशों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।












