सासनी में सरकारी चावल की कालाबाजारी का भंडाफोड़: ट्रक से ट्रैक्टर में लोड हो रहे 200 बोरे जब्त, माफियाओं में मचा हड़कंप
TargetTvLive | विशेष रिपोर्ट : अवनीश त्यागी
हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में गरीब और पात्र कार्डधारकों के हक पर डाका डालने वाले राशन माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब आक्रामक रुख अपना लिया है। जनपद के सासनी क्षेत्र में मंगलवार देर शाम प्रशासनिक अमले ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कालाबाजारी के लिए ले जाए जा रहे सरकारी चावल के 200 बोरों को मौके पर ही दबोच लिया। इस अचानक हुई छापेमारी से क्षेत्र के भ्रष्ट कोटेदारों और कालाबाजारियों में भारी खलबली मची हुई है।
गुप्त सूचना पर एसडीएम और पूर्ति निरीक्षक की ताबड़तोड़ कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की देर शाम सासनी एसडीएम शिव प्रकाश यादव को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि क्षेत्र में सरकारी खाद्यान्न की अवैध तस्करी की जा रही है। सूचना में बताया गया कि एक ट्रक से भारी मात्रा में सरकारी चावल उतारकर उसे सासनी के पास (भाविनी कोल्ड स्टोरेज के नजदीक) एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड किया जा रहा है, जिसे ठिकाने लगाने की तैयारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने बिना एक पल गंवाए पूर्ति निरीक्षक और स्थानीय पुलिस बल को साथ लिया और तुरंत मौके पर पहुंच गए। प्रशासनिक टीम को अपने करीब आते देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर में लदे सरकारी चावल के 200 बोरे अपने कब्जे में ले लिए। हालांकि, प्रशासनिक दबिश की भनक लगते ही ट्रैक्टर चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
प्रशासनिक महकमे में हलचल, एडीएम प्रशासन भी पहुंचे मौके पर
मामले की सूचना मिलने पर शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी भी हरकत में आ गए। एडीएम प्रशासन प्रशांत तिवारी ने भी तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
- चावल सुपुर्द: सुरक्षा और व्यवस्था की दृष्टि से बरामद किए गए सभी 200 बोरों को सठिया गांव के एक जिम्मेदार राशन डीलर के सुपुर्द कर दिया गया है।
- रिकॉर्ड मिलान: पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम अब क्षेत्र के तमाम राशन डीलरों के स्टॉक रजिस्टर और अभिलेखों का मिलान करने में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह खाद्यान्न किस कोटे से डाइवर्ट किया गया था।
- ट्रैक्टर और ट्रक मालिक की तलाश: फरार चालक और वाहन मालिकों की शिनाख्त के लिए पुलिस सर्विलांस और स्थानीय सुरागकशी का सहारा ले रही है।
“दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा” – एसडीएम शिव प्रकाश यादव
“सरकारी चावल के 200 बोरे पकड़े गए हैं, जिन्हें नियमानुसार एक राशन डीलर की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। इस कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जांच के बाद जो भी चेहरे सामने आएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।” — शिव प्रकाश यादव, एसडीएम (सासनी, हाथरस)
निष्कर्ष और आगे की सुगबुगाहट
यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करती है। हालांकि, जिला प्रशासन की इस सख्त और त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया है कि सरकार के अन्न पर डाका डालने वालों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब उन बड़े चेहरों और माफियाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जो परदे के पीछे से इस काले कारोबार का संचालन कर रहे थे।
क्या आपके क्षेत्र में भी कोटे के राशन की कालाबाजारी या अनियमितता देखने को मिलती है? हमें नीचे कमेंट बॉक्स में या सीधे संपर्क कर अपनी सटीक राय साझा करें।












