बिजनौर में धान खरीद का महाअभियान शुरू: 48 घंटे में किसानों के खाते में पहुंचेगा पैसा, DM उमेश प्रताप सिंह के कड़े निर्देश
विशेष रिपोर्ट: अवनीश त्यागी डिजिटल डेस्क, TargetTvLive
बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत बिजनौर जिले में धान खरीद की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने महात्मा विदुर सभागार (कलेक्ट्रेट) में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि किसानों को फसल बेचने के 48 घंटे के भीतर भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
DM ने चेतावनी दी है कि धान खरीद प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर किसानों को असुविधा नहीं होनी चाहिए। लापरवाही या शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र प्रभारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डिजिटल बुलेटिन: धान खरीद 2026-27 एक नज़र में
मुख्य बिंदुविवरण / आंकड़ेखरीद की समय-सीमा12 अक्टूबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तककुल खरीद का लक्ष्य63,000 मीट्रिक टनस्थापित क्रय केंद्रकुल 37 केंद्र (FCS: 26, PCF: 10, FCI: 01)कॉमन श्रेणी धान MSP₹2,441 प्रति कुंतलग्रेड-ए श्रेणी धान MSP₹2,461 प्रति कुंतलकेंद्रों का समयसुबह 09:00 बजे से शाम 05:30 बजे तकहेल्पलाइन नंबरटोल फ्री: 1800-180-0150
फार्मर रजिस्ट्री से होगी पारदर्शी खरीद
डिप्टी आरएमओ श्याम मिश्रा ने बैठक के दौरान बताया कि इस वर्ष धान खरीद की पूरी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए इसे ‘फार्मर रजिस्ट्री’ से जोड़ा गया है।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने बैठक में जानकारी दी कि जनपद में 95 प्रतिशत से अधिक फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने बचे हुए 5% कार्य को भी जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
किसान ऑनलाइन ऐसे कराएं पंजीकरण
किसान अपनी उपज को सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने के लिए घर बैठे या जन सुविधा केंद्र के माध्यम से आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं:
- आधिकारिक पोर्टल: [fcs.up.gov.in](https://fcs.up.gov.in) पर जाएं।
- मोबाइल ऐप: ‘किसान मित्र’ (Kisan Mitra) ऐप के जरिए आवेदन करें।
- हेल्पलाइन: किसी भी असुविधा या जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-180-0150 पर संपर्क करें।
विशेष ध्यान दें: सभी 37 क्रय केंद्रों की जियो-टैगिंग एवं ऑनलाइन पोर्टल पर फीडिंग पूरी हो चुकी है। क्रय केंद्रों पर छांव, पेयजल, नमी मापक यंत्र एवं तौल की पारदर्शी व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं।












