बिजनौर में 50 बेड के आयुष अस्पताल की तैयारी तेज, एक एकड़ जमीन का चिन्हांकन प्राथमिकता पर कराने के निर्देश
डीएम उमेश प्रताप सिंह ने जिला आयुष समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की; पार्क में योग प्रशिक्षण कराने और व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने पर दिया जोर
बिजनौर | Target TV Live | अवनीश त्यागी
बिजनौर में 50 बेड के आयुष एकीकृत अस्पताल की स्थापना की दिशा में भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने जिला आयुष समिति की बैठक में संबंधित अधिकारियों से इस काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने को कहा। प्रस्तावित अस्पताल के लिए एक एकड़ भूमि चिह्नित की जानी है। इसके साथ ही आयुष चिकित्सा सेवाओं और योग प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
अस्पताल के लिए जमीन का चिन्हांकन सबसे अहम
मंगलवार, 13 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित जिला आयुष समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि 50 बेड के आयुष एकीकृत अस्पताल की स्थापना के लिए निर्धारित एक एकड़ भूमि का चिन्हांकन प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
यह निर्देश प्रस्तावित अस्पताल की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण है। हालांकि, अस्पताल निर्माण की अगली प्रक्रिया भूमि चिन्हांकन के बाद संबंधित प्रशासनिक और विभागीय औपचारिकताओं पर निर्भर करेगी। फिलहाल बैठक में अधिकारियों को भूमि चिह्नित करने का काम प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पर जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में इन पद्धतियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए इनके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने आयुष विभाग की कार्यप्रणाली और उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
ऑनलाइन उपस्थिति और विदुर कुटी की व्यवस्थाओं की समीक्षा
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी के संज्ञान में आया कि संबंधित चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति आयु अटेंडेंस एप के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज की जा रही है।
इसके अलावा विदुर कुटी सेवा आश्रम में चिकित्सकों, योग प्रशिक्षकों और योग सहायकों की प्रतिदिन ड्यूटी लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई।
ऑनलाइन उपस्थिति और नियमित ड्यूटी की व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। हालांकि, इन व्यवस्थाओं की वास्तविक प्रभावशीलता का आकलन मरीजों को मिलने वाली सेवाओं, कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और योग प्रशिक्षण में लोगों की भागीदारी के आधार पर ही किया जा सकता है।
अस्पताल के बजाय पार्क में योग प्रशिक्षण कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने योग प्रशिक्षकों और योग सहायकों को निर्देश दिए कि वे पार्क में लोगों को योगाभ्यास और योग प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उनका कहना था कि पार्क जैसे खुले स्थान योगाभ्यास के लिए अधिक उपयुक्त हैं, इसलिए अस्पताल के अंदर योग प्रशिक्षण कराना तर्कसंगत नहीं है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योग प्रशिक्षण निर्धारित स्थान पर प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
इस निर्देश का उद्देश्य योग प्रशिक्षण को ऐसी जगह संचालित करना है, जहां लोगों को अभ्यास के लिए पर्याप्त खुला स्थान मिल सके। अब संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होगी कि प्रशिक्षण की नियमितता और लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करे।
समीक्षा बैठक से आगे अब अमल पर नजर
जिला आयुष समिति की बैठक में तीन प्रमुख बिंदु सामने आए—50 बेड के आयुष एकीकृत अस्पताल के लिए एक एकड़ भूमि का चिन्हांकन, आयुष चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा और पार्क में योग प्रशिक्षण की व्यवस्था को प्रभावी बनाना।
इन निर्देशों का वास्तविक लाभ तभी दिखाई देगा, जब भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से आगे बढ़े और आयुष चिकित्सा एवं योग प्रशिक्षण की सुविधाएं आम लोगों तक नियमित रूप से पहुंचें।
प्रस्तावित अस्पताल की स्थापना से संबंधित आगे की प्रगति, भूमि की उपलब्धता और निर्माण की समयसीमा जैसे बिंदु भी महत्वपूर्ण रहेंगे। बैठक में इनकी कोई निश्चित समयसीमा घोषित होने की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
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