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बजाज चीनी मिल पर किसानों के बकाया भुगतान का दबाव, डीएम की दोटूक चेतावनी

बिजनौर में बिलाई चीनी मिल पर किसानों के बकाया भुगतान का दबाव, डीएम की दोटूक चेतावनी—जल्द चुकाएं गन्ने का पैसा, वरना कार्रवाई

जिले की अन्य चीनी मिलों ने किया पिछले पेराई सत्र का भुगतान; नजीबाबाद सहकारी चीनी मिल की लाभ की स्थिति पर डीएम ने जताई संतुष्टि, आगामी पेराई सत्र की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश
बिजनौर | अवनीश त्यागी | Target TV Live

बिजनौर में गन्ना किसानों के भुगतान का मुद्दा एक बार फिर प्रशासन की प्राथमिकता में आ गया है। पिछले पेराई सत्र का भुगतान जिले की लगभग सभी चीनी मिलों द्वारा पूरा किए जाने के बीच बिलाई चीनी मिल पर बकाया भुगतान का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने मिल प्रबंधन को जल्द भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कर दिया कि किसानों के पैसे में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

बिलाई चीनी मिल के भुगतान पर प्रशासन सख्त

मंगलवार, 13 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने जनपद की समस्त चीनी मिलों के प्रबंधकों के साथ बैठक कर पिछले पेराई सत्र के गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की।

समीक्षा में सामने आया कि बिलाई चीनी मिल को छोड़कर जिले की अन्य सभी चीनी मिलों ने पिछले पेराई सत्र के गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को कर दिया है। इसके बाद जिलाधिकारी ने बिलाई चीनी मिल के प्रबंधक को बकाया राशि का भुगतान जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए।

डीएम का संदेश स्पष्ट था कि किसानों के भुगतान में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। समय से भुगतान नहीं होने की स्थिति में संबंधित मिल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, बैठक में बिलाई चीनी मिल पर बकाया कुल राशि, प्रभावित किसानों की संख्या और भुगतान की अंतिम समयसीमा का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसे में अब निगाह इस बात पर रहेगी कि मिल प्रबंधन कितनी जल्दी बकाया भुगतान पूरा करता है।

किसानों के लिए सिर्फ आश्वासन नहीं, भुगतान की समयसीमा अहम

गन्ना किसानों की आर्थिक व्यवस्था काफी हद तक फसल के भुगतान पर निर्भर करती है। खेती की लागत, खाद-बीज, कृषि कार्यों और घरेलू जरूरतों के लिए समय पर पैसा मिलना जरूरी है। ऐसे में गन्ना मूल्य का भुगतान लंबित रहने से किसानों की आर्थिक योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

प्रशासनिक समीक्षा और कार्रवाई की चेतावनी महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका वास्तविक असर भुगतान पूरा होने पर ही दिखाई देगा। बिलाई चीनी मिल के मामले में बकाया राशि और भुगतान की प्रगति सार्वजनिक होने से किसानों को स्थिति स्पष्ट रूप से समझने में मदद मिल सकती है।

नए पेराई सत्र से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश

बैठक में जिलाधिकारी ने आगामी पेराई सत्र की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी चीनी मिलों को निर्धारित समय पर पेराई शुरू करने के लिए जरूरी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए।

गन्ना पर्ची वितरण, गन्ने की तौल और किसानों से जुड़ी दूसरी व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया। डीएम ने कहा कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए, ताकि पेराई सत्र शुरू होने पर उन्हें अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

इन व्यवस्थाओं का महत्व इसलिए भी है क्योंकि पर्ची वितरण में देरी, तौल संबंधी शिकायतें और समय पर गन्ना न लिए जाने जैसी समस्याएं किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। इसलिए पेराई सत्र शुरू होने से पहले व्यवस्थाओं की तैयारी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रशासन की निगरानी अहम होगी।

नजीबाबाद सहकारी चीनी मिल की लाभ की स्थिति पर संतुष्टि

समीक्षा के दौरान नजीबाबाद सहकारी चीनी मिल के लाभ की स्थिति में संचालित होने की जानकारी सामने आई। जिलाधिकारी ने मिल प्रबंधन के कार्यों की सराहना करते हुए बेहतर प्रबंधन और कार्यप्रणाली बनाए रखने के निर्देश दिए।

सहकारी मिल की आर्थिक स्थिति मजबूत रहने से उसके संचालन को स्थिरता मिल सकती है। हालांकि, किसानों के हित में इसका व्यापक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब भुगतान, तौल और गन्ना आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाएं भी प्रभावी ढंग से संचालित हों।

अब निगाह भुगतान की प्रगति पर

जिलाधिकारी की बैठक में दो प्रमुख संदेश सामने आए—एक ओर बिलाई चीनी मिल को बकाया गन्ना मूल्य जल्द चुकाने की चेतावनी दी गई, वहीं दूसरी ओर आगामी पेराई सत्र की तैयारियों और किसानों से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने पर जोर दिया गया।

अब अहम सवाल यह है कि बिलाई चीनी मिल का बकाया भुगतान कब तक पूरा होता है और नए पेराई सत्र में किसानों को पर्ची, तौल तथा भुगतान संबंधी व्यवस्थाओं का कितना लाभ मिलता है। प्रशासन के निर्देशों का वास्तविक मूल्यांकन इन बिंदुओं पर होने वाली प्रगति से ही होगा।

स्रोत: जिलाधिकारी की बैठक से संबंधित उपलब्ध आधिकारिक सूचना।

Target TV Live विश्लेषण: किसानों के हित में प्रशासनिक सख्ती तभी प्रभावी मानी जाएगी, जब भुगतान संबंधी निर्देशों का समयबद्ध पालन हो और किसानों को उसका प्रत्यक्ष लाभ मिले।

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