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बिजनौर में गर्जा ‘हाथ’: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और राहुल-प्रियंका से दुर्व्यवहार पर सड़कों पर उतरी कांग्रेस

बिजनौर में गर्जा ‘हाथ’: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और राहुल-प्रियंका से दुर्व्यवहार पर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, विकास भवन तक निकाला जोरदार विरोध मार्च

बिजनौर (TargetTvLive)।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में लोकतंत्र, संविधान और निष्पक्ष चुनाव की रक्षा की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) श्री ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी तथा श्रीमती प्रियंका गांधी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में गुरुवार (8 अक्टूबर) को जिला व शहर कांग्रेस कमेटी के बैनर तले एक विशाल विरोध मार्च निकाला गया।

कांग्रेस मुख्यालय से शुरू हुआ यह शक्ति प्रदर्शन शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ विकास भवन तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।

हेनरीता राजीव सिंह के नेतृत्व में उतरा कार्यकर्ताओं का हुजूम

विरोध मार्च का नेतृत्व बिजनौर कांग्रेस की जिला अध्यक्ष हेनरीता राजीव सिंह ने किया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर तीखे सवाल खड़े किए।

“देश में लोकतंत्र और संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं। चुनाव आयोग की निष्पक्षता कटघरे में है और विपक्ष के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के साथ जिस तरह का दुर्व्यवहार किया गया है, उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।” — हेनरीता राजीव सिंह (जिला अध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी बिजनौर)

विकास भवन तक गूंजे नारे, निष्पक्ष चुनाव की उठी मांग

कांग्रेस मुख्यालय से शुरू होकर विकास भवन तक पहुंचे इस मार्च में कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां और बैनर थे। पूरे रास्ते कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, संविधान की बहाली और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के समर्थन में गगनभेदी नारे लगाए। नेताओं ने एकजुट होकर कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव प्रणाली को बहाल करने के लिए कांग्रेस का यह संघर्ष सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगा।

        [कांग्रेस मुख्यालय]
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    (सड़कों पर प्रदर्शन व नारेबाजी)
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         [विकास भवन, बिजनौर]
 (लोकतंत्र व संविधान रक्षा का संकल्प)

वरिष्ठ नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी

इस विशाल प्रदर्शन और विरोध मार्च में जिले भर के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

प्रदर्शन में प्रमुख रूप से शामिल प्रतिनिधि:

  • प्रशासनिक व वरिष्ठ नेतृत्व: आर.के. सिंह (रि. IAS), जावेद अंसारी (जिला उपाध्यक्ष संगठन)।
  • प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता: हुमायूं बेग, गौतम सिसोदिया, अतुल कुमार, काजी आतिफ अली, मिस्बाबुल हसन, एडवोकेट विक्रम, मोहम्मद अकबर, हाजी नसीम अंसारी, हाजी अहसान, प्रदीप ठाकुर, जसराम सिंह, हुकुम सिंह, मास्टर रामपाल, कुणाल गांधी, विश्वमोहन सिंह, हरिराज सिंह।
  • सक्रिय सदस्य: मुकीम अहमद, नदीम जमील, रईस अहमद, गुड्डू भाई, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद हनीफ, शारिक अली, जाफर हसनैन, अब्दुल समद आजाद, गुरमुख सिंह, जफर मलिक, वसीम अकरम, मोहम्मद इफ्राहीम, शाहबाज अंसारी, कमरुन्निसा, होशियार सिंह, मोहम्मद इमरान, अनिल त्यागी, दिलेराम सिंह, इमरान सिद्दीकी, महेश कुमार, नईमुद्दीन अंसारी, फारूक पठान, रतिराम, राम रतन, मलखान सिंह, शादाब अहमद, धर्मवीर सिंह, वेद प्रकाश, अमित कुमार, निसार धोबी, उमर अली, शुएब अहमद, गुलसिताब एडवोकेट, सुमन चौधरी, सुधीर कुमार, वसी उर रहमान, फरीद अहमद, जुनैद अहमद, शहीद मंसूरी, अनिल कुमार, अखलाक, रमेश वर्मा, मिथिलेश वर्मा, आमिर अंसारी, रकीब आलम, हिमांशु, निशंक, राजवीर सिंह, आदेश कुमार, समीर सिक्कू, अशोक कुमार, नदीम उद्दीन, लोकेंद्र चौहान, मदन सिंह, असलम गुर्जर, मुश्ताक अहमद, शाने आलम, जितेंद्र सिंह, रिंकू और जयपाल सिंह सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विश्लेषण: बिजनौर से उठी चिंगारी के क्या हैं राजनीतिक मायने?

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बिजनौर का विरोध प्रदर्शन केवल एक स्थानीय घटनाक्रम नहीं है, बल्कि यह जिला स्तर पर कांग्रेस के आक्रामक कैडर निर्माण और विपक्ष की एकजुटता का संकेत है:

  1. कैडर में नया जोश: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं का इतनी बड़ी संख्या में सड़क पर उतरना यह दर्शाता है कि पार्टी का जमीनी नेटवर्क सक्रिय हो रहा है।
  2. संवैधानिक संस्थाओं पर हमला ही मुख्य एजेंडा: कांग्रेस आगामी चुनावी मुकाबलों से पहले चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका को जनता के बीच सीधे तौर पर मुद्दा बना रही है।
  3. वरिष्ठ चेहरों का समर्थन: पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों (जैसे रि. IAS आर.के. सिंह) की ऐसे प्रदर्शनों में भागीदारी पार्टी के वैचारिक आधार को मजबूती देती है।

रिपोर्ट: अवनीश त्यागी डिजिटल डेस्क, TargetTvLive

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