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बिजनौर में पुलिस मुठभेड़ से हड़कंप! लूट का आरोपी पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार, तमंचा-बाइक बरामद

बिजनौर में लूट के आरोपी का पुलिस से आमना-सामना, फायरिंग के बाद पैर में लगी गोली; तमंचा और लूटी बाइक बरामद

अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर, 17 अगस्त 2026

बिजनौर में अपराधियों पर शिकंजा कसने की पुलिस कार्रवाई के बीच सोमवार को कोतवाली शहर क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब लूट के एक आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस के अनुसार जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से 315 बोर का तमंचा, कारतूस और लूट की वारदात में छीनी गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद होने का दावा किया गया है।

मामला महज एक लूट तक सीमित नजर नहीं आ रहा। पुलिस की पूछताछ में आरोपी से एक अन्य फायरिंग की घटना के संबंध में भी जानकारी मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या घटनाओं के पीछे अलग-अलग आपराधिक कड़ियां हैं।

13 अगस्त की लूट ने पुलिस को पहुंचाया आरोपी तक

पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 13 अगस्त से हुई। पुलिस के मुताबिक, अशोक पुत्र डांगर सिंह निवासी जहानाबाद ने कोतवाली शहर में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात बदमाश उसकी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल UP20BY3398 और दो मोबाइल फोन लूट ले गए।

तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। इसके बाद 17 अगस्त को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में शामिल संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार चांदपुर की ओर से बिजनौर की तरफ आ रहा है।

रोकने पर भागा, फिर पुलिस पर फायरिंग का दावा

पुलिस के अनुसार चेकिंग के दौरान संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार दिखाई दिया। टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने मोटरसाइकिल मोड़कर भागने की कोशिश की।

पुलिस का दावा है कि इसी दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान देव पुत्र सतीश, निवासी ग्राम रेहड़ूवा, थाना कोतवाली शहर, बिजनौर के रूप में हुई है।

पूछताछ में खुला दूसरा राज!

मुठभेड़ के बाद हुई पूछताछ में पुलिस को एक और अहम जानकारी मिलने का दावा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि 12/13 अगस्त की रात करीब एक बजे उसने अपने साथियों के साथ ग्राम गांज और शाहपुर के बीच नहर के पास एक व्यक्ति से मोटरसाइकिल छीनी थी।

पुलिस के अनुसार पीड़ित के पास दो मोबाइल फोन भी थे, जिन्हें उसके साथियों ने अपने पास रख लिया था।

यानी जिस लूट की बाइक के साथ आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा, उसी वारदात की कड़ियां अब पुलिस पूछताछ में सामने आने लगी हैं।

5 अगस्त की फायरिंग से भी जुड़ा आरोपी का नाम

मामले का सबसे सनसनीखेज पहलू 5 अगस्त की कथित फायरिंग से जुड़ा है।

पुलिस के अनुसार विवेक कॉलेज के पास नहर रोड पर हर्षित के ऊपर हुई फायरिंग के संबंध में जब आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने इस घटना में खुद के साथ पृथ्वी पुत्र वरुण और एक अन्य लड़की के शामिल होने की बात बताई। आरोपी के अनुसार तीनों ने मिलकर हर्षित के ऊपर फायरिंग की थी।

हालांकि, यह बयान पुलिस पूछताछ में आरोपी द्वारा बताए गए तथ्य हैं। इनकी अंतिम पुष्टि विवेचना में सामने आने वाले स्वतंत्र साक्ष्यों के आधार पर होगी।

तीन मुकदमों में सामने आया आरोपी का नाम

पुलिस रिकॉर्ड में आरोपी देव के खिलाफ तीन मुकदमों का उल्लेख किया गया है। इनमें लूट से संबंधित मुकदमा, फायरिंग से संबंधित मामला और मुठभेड़ के दौरान दर्ज मुकदमा शामिल है।

विवेचना के दौरान पुलिस ने पहले दर्ज लूट के मुकदमे में धाराओं में भी बदलाव/वृद्धि की है। पुलिस प्रेसनोट के अनुसार धारा 309(4) बीएनएस के स्थान पर धारा 310(2)/317(2) बीएनएस की वृद्धि की गई।

बरामद हथियार जांच का अहम हिस्सा

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से:

  • एक 315 बोर का तमंचा
  • एक जिंदा कारतूस
  • दो खोखा कारतूस
  • स्प्लेंडर मोटरसाइकिल UP20BY3398

बरामद करने का दावा किया है।

मुठभेड़ के संबंध में कोतवाली शहर में धारा 109(1) बीएनएस और 3/25/27 आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

अब असली सवाल—क्या खुलेगा पूरा नेटवर्क?

इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस के हाथ सिर्फ एक आरोपी लगा है या इसके पीछे सक्रिय किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क की भी कड़ियां जुड़ेंगी?

लूट की बाइक की बरामदगी, हथियार मिलने और पूछताछ में दूसरी फायरिंग की घटना का नाम सामने आने से जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस के लिए अब चुनौती केवल आरोपी को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उसके कथित साथियों की पहचान, घटनाओं में उनकी भूमिका और बरामद हथियार के इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करना भी होगी।

यदि पूछताछ में सामने आए दावों की पुष्टि स्वतंत्र साक्ष्यों से होती है, तो यह कार्रवाई बिजनौर में हाल की आपराधिक घटनाओं की कई कड़ियों को जोड़ने वाली अहम कड़ी साबित हो सकती है।

पुलिस टीम की भूमिका

कार्रवाई थाना कोतवाली शहर प्रभारी निरीक्षक अवनीत मान के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक रोहित कुमार, उपनिरीक्षक संजीव कुमार तथा कांस्टेबल संदीप, मंजीत, नेपाल सिंह, संदीप कुमार और सुनील कुमार शामिल रहे।

TargetTvLive की पड़ताल में बड़ा सवाल

अवनीश त्यागी | TargetTvLive

बिजनौर की इस कार्रवाई को सिर्फ एक पुलिस मुठभेड़ की घटना के रूप में देखना पर्याप्त नहीं होगा। इसके पीछे लूट, अवैध हथियार और एक अन्य फायरिंग की घटना की संभावित कड़ियां सामने आई हैं। हालांकि, इनमें से जिन तथ्यों का आधार आरोपी का पुलिस पूछताछ में दिया गया कथित बयान है, उनकी पुष्टि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगी।

फिलहाल पुलिस के हाथ एक आरोपी, एक हथियार और लूटी गई बाइक लगी है। अब निगाह इस बात पर है कि पूछताछ और जांच आगे बढ़ने पर कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और इस कथित अपराधी नेटवर्क की कितनी परतें खुलती हैं।

 

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