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“मीडिया सिर्फ खबर नहीं, समाज बदलने की ताकत है; सकारात्मक पत्रकारिता से आएगी शांति और प्रगति : बीके लता दीदी”

“मीडिया सिर्फ खबर नहीं, समाज बदलने की ताकत है; सकारात्मक पत्रकारिता से आएगी शांति और प्रगति : बीके लता दीदी”

मीडिया समाज में शांति और प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम : बीके लता दीदी

अमरोहा। मीडिया आज केवल खबरें दिखाने या सुनाने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज की सोच और दिशा तय करने वाली एक बड़ी ताकत बन चुका है। यदि मीडिया सकारात्मकता, सच्चाई और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दे, तो वह समाज में शांति, सद्भाव और विकास की नई इबारत लिख सकता है। यह बात दिल्ली से पधारीं वरिष्ठ राजयोगिनी शिक्षिका बीके लता दीदी ने अमरोहा में आयोजित मीडिया संगोष्ठी में कही।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा अमरोहा के विक्टोरिया होटल में “मीडिया फॉर पीस एंड प्रोग्रेस” (शांति और प्रगति के लिए मीडिया) विषय पर आयोजित संगोष्ठी में पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए बीके लता दीदी ने कहा कि आज मीडिया के एक समाचार का प्रभाव लाखों-करोड़ों लोगों की सोच और व्यवहार पर पड़ता है। इसलिए मीडिया की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

उन्होंने कहा कि यदि मीडिया केवल नकारात्मक घटनाओं को दिखाने के बजाय प्रेरणादायक, समाधान आधारित और समाज को जोड़ने वाली खबरों को प्रमुखता दे, तो देश में सकारात्मक बदलाव की एक नई शुरुआत हो सकती है। मीडिया समाज को तोड़ने का नहीं, बल्कि जोड़ने का माध्यम बन सकता है।

सकारात्मक पत्रकारिता से बनेगा बेहतर समाज

बीके लता दीदी ने कहा कि आज लोगों के जीवन में तनाव, चिंता और मानसिक अशांति लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में मीडिया की जिम्मेदारी केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा दिखाना भी है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता तब सबसे अधिक सार्थक होती है, जब वह समाज में उम्मीद, विश्वास और जागरूकता पैदा करे।

उन्होंने मीडिया जगत से आह्वान किया कि समाचारों में सकारात्मक पहल, प्रेरणादायक व्यक्तित्व, सामाजिक बदलाव और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े विषयों को भी पर्याप्त स्थान मिलना चाहिए। इससे समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी।

राजयोग मेडिटेशन से मिलेगा मानसिक सुकून

अपने संबोधन में बीके लता दीदी ने राजयोग मेडिटेशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मानसिक शांति, तनावमुक्त जीवन और सकारात्मक सोच विकसित करने का सरल और प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति स्वयं अंदर से शांत होगा, तभी वह समाज में शांति का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचा सकेगा।

उन्होंने कहा कि मीडिया यदि शांति, आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्यों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प ले, तो एक श्रेष्ठ और संस्कारित समाज के निर्माण में उसकी भूमिका ऐतिहासिक साबित हो सकती है।

वरिष्ठ पत्रकारों ने भी रखे अपने विचार

संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि आज सकारात्मक पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा विश्वभर में किए जा रहे आध्यात्मिक, सामाजिक और नैतिक जागरूकता के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम मीडिया और समाज के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विश्व शांति और मानव कल्याण की भावना के साथ सामूहिक राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम में रहे उपस्थित

इस अवसर पर अमरोहा सेंटर इंचार्ज बीके अर्चना, वरिष्ठ पत्रकार महिपाल सिंह, तुलाराम ठाकुर, बीएस आर्य, डॉ. नरेन्द्र सिंह, डॉ. प्रथम सहित अनेक पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

TargetTvLive विशेष विश्लेषण

डिजिटल मीडिया के इस दौर में जहां नकारात्मक खबरें अक्सर सुर्खियां बनती हैं, वहीं समाज को सकारात्मक दिशा देने वाली पत्रकारिता की जरूरत पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। “मीडिया फॉर पीस एंड प्रोग्रेस” जैसी पहल यह संदेश देती है कि मीडिया यदि जिम्मेदारी के साथ अपनी शक्ति का उपयोग करे, तो वह केवल खबरें नहीं, बल्कि समाज का भविष्य भी बदल सकता है।

रिपोर्ट : अवनीश त्यागी
मुख्य संपादक, TargetTvLive
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