“परिवार की रक्षा के लिए करें मां बगलामुखी की साधना”, महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी का सनातनियों से आह्वान; ग्रेटर नोएडा में 30 जुलाई से 3 अगस्त तक होगा महायज्ञ
रिपोर्ट: ओमप्रकाश चौहान, वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार | TargetTvLive
ग्रेटर नोएडा। “जब परिवार, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की रक्षा की बात हो, तब साधना सबसे बड़ा संबल बनती है।” इसी संदेश के साथ शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर एवं श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने सनातन धर्मावलंबियों से मां बगलामुखी एवं महादेव की साधना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा के श्री शक्ति मंदिर, मां बगलामुखी पीतांबरा पीठ (साइट-4) में 30 जुलाई से 3 अगस्त तक पांच दिवसीय मां बगलामुखी एवं महादेव महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
बृहस्पतिवार को अल्फा कमर्शियल बेल्ट स्थित कसाना टॉवर में मैक्सपाइन ग्रुप के मार्केटिंग कार्यालय में आयोजित भक्तों की बैठक के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने यह जानकारी दी।
‘मां बगलामुखी की साधना देती है आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा’
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि सनातन परंपरा में मां बगलामुखी को विजयश्री और सद्बुद्धि की देवी के रूप में पूजनीय माना जाता है। उनके अनुसार, महादेव के साथ मां बगलामुखी की साधना मनुष्य को आत्मबल, धैर्य और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि यह महायज्ञ श्रद्धालुओं के लिए कल्पवृक्ष के समान कल्याणकारी है। इसमें सहभागी होकर श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक चिंतन का अनुभव कर सकते हैं।
सनातन परंपराओं के संरक्षण का दिया संदेश
महामंडलेश्वर ने कहा कि वर्तमान समय में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उन्होंने सनातन धर्म के अनुयायियों से धार्मिक साधना, संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों को सशक्त बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक चेतना ही व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में संयम और साहस प्रदान करती है। परिवार की समृद्धि, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी साधना की महत्वपूर्ण भूमिका है।
पौराणिक परंपराओं का किया उल्लेख
प्रेस वार्ता के दौरान महामंडलेश्वर ने भगवान परशुराम, पितामह भीष्म, आचार्य द्रोण और दानवीर कर्ण सहित अनेक पौराणिक पात्रों का उल्लेख करते हुए मां बगलामुखी एवं महादेव की उपासना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में साधना का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति ही नहीं, बल्कि सद्बुद्धि, आत्मसंयम और धर्म के प्रति समर्पण की भावना को जागृत करना भी है।
30 जुलाई से 3 अगस्त तक होंगे धार्मिक अनुष्ठान
आयोजकों के अनुसार, पांच दिवसीय महायज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, पूजन एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं के इस आयोजन में पहुंचने की संभावना है।
ये रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में मैक्सपाइन ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट प्रदीप त्यागी, सीनियर मार्केटिंग मैनेजर ओमप्रकाश चौहान, पंकज त्यागी, आलोक चौधरी, वीरेन्द्र शर्मा, बृजमोहन गोयल, अमन भुटानी, विजय अग्रवाल, अमित, मोहित, निशांत, संजय, ओमप्रकाश, अजय, दिल्ली से पधारे अनिल कुमार चौहान, रिपुल शर्मा तथा वत्स एसोसिएट्स के सोनू त्यागी सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
«TargetTvLive Special: सनातन परंपराओं में साधना को आत्मिक शांति, आत्मबल और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का माध्यम माना गया है। धार्मिक आयोजनों में सहभागिता व्यक्तिगत आस्था और श्रद्धा का विषय है।»
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