बिजनौर में डीजल चोर गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार, ट्रक सीज कर 17 कैन बरामद
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर। जनपद बिजनौर में डीजल चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच कोतवाली शहर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को चोरी किए गए डीजल के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ट्रक को सीज करने के साथ ही डीजल से भरे पांच कैन और 12 खाली कैन बरामद किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को 24 घंटे के भीतर किए गए प्रभावी खुलासे के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को वादी मुकीम पुत्र अल्लाह बख्श निवासी सब्दलपुर रेहरा, थाना हीमपुर दीपा, जनपद बिजनौर ने कोतवाली शहर में तहरीर देकर बताया कि ट्रक संख्या UP-23T-8458 के अज्ञात चालक ने पेट्रोल पंप के पास खड़े उसके वाहन से डीजल चोरी कर लिया तथा विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए मौके से फरार हो गया।
तहरीर के आधार पर कोतवाली शहर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए 16 जुलाई को आरोपी इकराम पुत्र कलुआ निवासी ग्राम मौहरक पट्टी, थाना गजरौला, जनपद अमरोहा को गिरफ्तार कर लिया। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की वृद्धि भी की गई है।
क्या-क्या हुआ बरामद?
- डीजल से भरे 05 कैन
- 12 खाली कैन
- घटना में प्रयुक्त ट्रक संख्या UP-23T-8458
- ट्रक को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के अंतर्गत सीज किया गया।
चोरी के मामलों में नया ट्रेंड?
बिजनौर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से हाईवे किनारे खड़े वाहनों से डीजल चोरी की घटनाएं सामने आती रही हैं। डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण यह अपराध संगठित रूप भी लेता जा रहा है। कई मामलों में रात के समय ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को निशाना बनाया जाता है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक मामले के खुलासे तक सीमित है, बल्कि वाहन स्वामियों के लिए भी एक चेतावनी और राहत का संदेश है।
वाहन मालिकों के लिए जरूरी सावधानी
- हाईवे किनारे सुनसान स्थानों पर वाहन खड़ा करने से बचें।
- रात में वाहनों की पार्किंग सुरक्षित स्थानों पर करें।
- पेट्रोल पंप अथवा ढाबों पर सीसीटीवी युक्त स्थानों को प्राथमिकता दें।
- संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
TargetTvLive विश्लेषण
कोतवाली शहर पुलिस द्वारा महज 24 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि यदि तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग किया जाए तो संपत्ति संबंधी अपराधों पर शीघ्र अंकुश लगाया जा सकता है। हालांकि यह घटना एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है कि आखिर हाईवे और पेट्रोल पंपों के आसपास खड़े वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है? प्रशासन और वाहन स्वामियों दोनों को इस दिशा में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है।










