ग्रामीणों के लिए बड़ा तोहफा! अब 125 दिन मिलेगा रोजगार, ₹300 रोजाना मजदूरी… बिजनौर में 100+ विकास कार्यों की शुरुआत

‘विकसित भारत–जी रामजी योजना’ का जिलेभर में आगाज़, 11 विकास खंडों में जन सम्मेलन, डिजिटल सिस्टम से होगी निगरानी
बिजनौर | TargetTvLive | अवनीश त्यागी
ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने “विकसित भारत–जी रामजी योजना” को ज़मीन पर उतारना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने के उद्देश्य से शुरू हुई इस योजना के तहत बिजनौर जनपद में एक साथ सभी 11 विकास खंडों में जन सम्मेलन आयोजित किए गए। इन सम्मेलनों के माध्यम से न केवल ग्रामीणों को योजना की जानकारी दी गई, बल्कि 100 से अधिक नए विकास कार्यों का शुभारंभ भी किया गया।
जिले के प्रशासन ने इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक रणनीति अपनाई। जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देशन में प्रत्येक विकास खंड के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया। कुल 22 ग्राम पंचायतों में आयोजित कार्यक्रमों में ग्रामीणों को रोजगार, मजदूरी, भुगतान और विकास कार्यों से जुड़ी नई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
अब 125 दिन तक रोजगार और ₹300 प्रतिदिन मजदूरी
विकास खंड मोहम्मदपुर देवमल की ग्राम पंचायत इटावा और भोजपुर भोपतपुर में आयोजित जन सम्मेलन में मुख्य विकास अधिकारी रण विजय सिंह ने बताया कि योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों को अब 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही मजदूरी बढ़ाकर ₹300 प्रतिदिन कर दी गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई श्रमिक काम की मांग करता है तो 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित अवधि में रोजगार नहीं मिलता है तो पात्र श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह के भीतर किया जाएगा और भुगतान में देरी होने पर विलंब क्षतिपूर्ति का भी प्रावधान रहेगा।
300 प्रकार के विकास कार्य, तकनीक से होगी पूरी निगरानी
योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्धन और प्राकृतिक आपदा प्रबंधन जैसी चार प्रमुख श्रेणियों में लगभग 300 प्रकार के विकास कार्य शामिल किए गए हैं।
सरकार का दावा है कि कार्य की मांग, श्रमिकों की उपस्थिति, कार्यों की मॉनिटरिंग और मजदूरी भुगतान जैसी पूरी प्रक्रिया को डिजिटल तकनीक से जोड़ा जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा और भ्रष्टाचार की संभावनाएं न्यूनतम होंगी।
पूरे जिले में चला जागरूकता अभियान
जनपद के अन्य विकास खंडों में आयोजित सम्मेलनों में उपयुक्त (श्रम रोजगार) आर.बी. यादव, परियोजना निदेशक आलोक कुमार वर्मा, उपयुक्त (स्वरोजगार) मनोज वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी विमल कुमार चौबे सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्रामीणों को योजना के लाभों की जानकारी दी। ब्लॉक प्रमुखों और जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों से योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने और विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
क्या बदलेगी गांवों की तस्वीर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना के प्रावधान समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से लागू किए गए तो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पलायन में कमी आएगी और स्थानीय स्तर पर आधारभूत विकास को नई गति मिलेगी। समय पर भुगतान, डिजिटल मॉनिटरिंग और जवाबदेही जैसे प्रावधान इस योजना को पहले की रोजगार योजनाओं से अलग पहचान दिला सकते हैं।
हालांकि, योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसके लाभ कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचते हैं।
TargetTvLive निष्कर्ष
बिजनौर में शुरू हुआ यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि प्रशासनिक दावे धरातल पर पूरी तरह उतरते हैं तो आने वाले समय में यह योजना लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार और विकास का नया आधार बन सकती है।
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