बहन से कहासुनी के बाद 7 साल के मासूम की मौत! ‘ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन’ लगाने का आरोप, 5 दिन तक जिंदगी से जंग लड़ता रहा रूहान

मंडावर में दिल दहला देने वाला मामला: परिजनों का आरोप- घर में खींचकर लगाया प्रतिबंधित इंजेक्शन, समझौते के बाद बिगड़ी हालत; अब पुलिस जांच के घेरे में पूरा घटनाक्रम
By: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
मंडावर (बिजनौर)। बिजनौर के मंडावर कस्बे से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। महज एक मामूली कहासुनी के बाद सात वर्षीय मासूम की मौत का मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पड़ोसियों ने बच्चे को जबरन अपने घर के अंदर ले जाकर उसे भैंसों में दूध उतरवाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद जहां परिवार में मातम पसरा है, वहीं पूरे मोहल्ले में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस विवेचना पर टिकी हैं।
मदरसे से लौट रही बहन से शुरू हुआ विवाद
मृतक रूहान के पिता गुलजार ने बताया कि वह कश्मीर में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। रविवार शाम उनकी 13 वर्षीय बेटी सोजी मदरसे से पढ़कर घर लौट रही थी। आरोप है कि घर के सामने रास्ते में पड़ोसी युवक अरमान कुरैशी से किसी बात को लेकर उसकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और अरमान ने कथित रूप से सोजी के साथ मारपीट कर दी।
बेटी की चीख-पुकार सुनकर मां रेशमा और सात वर्षीय बेटा रूहान मौके पर पहुंच गए। यहीं से पूरा मामला और गंभीर हो गया।
‘घर के अंदर खींचकर लगाया इंजेक्शन’
परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान अरमान कुरैशी, उसके पिता पप्पू कुरैशी और चाचा अल्लू कुरैशी मौके पर पहुंचे। तीनों ने मिलकर रूहान को जबरन अपने घर के अंदर खींच लिया और वहां उसे कथित तौर पर ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन लगा दिया।
परिजनों का कहना है कि यह इंजेक्शन पशुओं में दूध उतरवाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और इंसानों, विशेषकर बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
तहरीर दी, लेकिन हो गया समझौता
घटना के तुरंत बाद रूहान की मां रेशमा मंडावर थाने पहुंचीं और तीनों आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। परिजनों का कहना है कि बाद में मोहल्ले के कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया, जिसके चलते उस समय मामला आगे नहीं बढ़ा।
लेकिन परिवार का आरोप है कि इसी बीच रूहान की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी।
निजी डॉक्टर से मेरठ मेडिकल कॉलेज तक
पहले बच्चे को एक निजी चिकित्सक के यहां दिखाया गया, लेकिन जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
करीब पांच दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे मासूम रूहान ने दम तोड़ दिया।
मौत के बाद मचा हड़कंप
मासूम की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मोहल्ले के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी।
जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई
इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या वास्तव में बच्चे को ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाया गया था? क्या उसी इंजेक्शन के कारण उसकी हालत बिगड़ी और मौत हुई? इन सभी सवालों का जवाब अभी मिलना बाकी है।
फिलहाल परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन इन आरोपों की पुष्टि अभी किसी चिकित्सकीय या फॉरेंसिक रिपोर्ट से नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और पुलिस जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।
इलाके में चर्चा, लोगों ने उठाए सवाल
घटना के बाद पूरे मंडावर क्षेत्र में इस मामले की चर्चा है। स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम का सच सामने लाने की मांग कर रहे हैं। यदि जांच में परिजनों के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला बेहद गंभीर आपराधिक लापरवाही और हिंसा का रूप ले सकता है।
TargetTvLive की अपील
यह समाचार परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही घटना के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी तय होगी। किसी भी आरोपी को जांच पूरी होने तक दोषी मानना उचित नहीं है।
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