Heatwave Emergency
बिजनौर के अस्पतालों में ‘कोल्ड रूम’ बनाने के आदेश, CMO बोले- मरीजों को गर्मी में नहीं होनी चाहिए कोई परेशानी
लू के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर, अस्पतालों में ठंडा पानी, कूलर, आइस पैक और दवाओं की विशेष व्यवस्था शुरू
By Avnish Tyagi | TargetTvLive
बिजनौर। जिले में पड़ रही झुलसाने वाली गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हालात को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
अब अस्पतालों में केवल इलाज ही नहीं, बल्कि मरीजों को गर्मी से तुरंत राहत देने की तैयारी भी शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कहा है कि भीषण गर्मी के बीच अस्पताल पहुंचने वाले किसी भी मरीज या तीमारदार को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
अस्पतालों में हर समय मिलेगा ठंडा पानी, खराब पंखों पर तुरंत कार्रवाई
CMO डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों में लगे पंखे हर हाल में चलते रहने चाहिए। जहां कहीं पंखे खराब हैं, उन्हें तुरंत ठीक कराया जाए।
इसके साथ ही अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उनके साथ मौजूद तीमारदारों के लिए ठंडे पेयजल की व्यवस्था हर समय बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि गर्मी और लू से परेशान होकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को सबसे पहले राहत भरा माहौल मिलना जरूरी है। अगर अस्पताल में ही गर्मी और उमस रहेगी तो मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है।
बिजनौर के अस्पतालों में बनेंगे ‘कोल्ड रूम’
जिला नोडल अधिकारी एवं सर्विलांस अधिकारी डॉ. प्रतीक किशोर ने बताया कि शासन के निर्देश पर 26 मई 2026 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जूम मीटिंग आयोजित की गई।
इस बैठक में सभी CHC और PHC प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि हर स्वास्थ्य केंद्र पर विशेष “कोल्ड रूम” तैयार किया जाए, ताकि लू और हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों को तुरंत राहत मिल सके।
इन कोल्ड रूम में कूलर, ठंडा पानी, आइस पैक, आईवी फ्लूड और गर्मी से जुड़ी बीमारियों के इलाज की जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है।
लू और हीट स्ट्रोक को लेकर प्रशासन सतर्क
तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जिले में दिन के समय लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। मौसम विशेषज्ञ लगातार हीटवेव को लेकर चेतावनी दे रहे हैं।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग नहीं चाहता कि गर्मी के कारण अस्पतालों में अव्यवस्था की स्थिति बने। यही वजह है कि अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मरीजों को राहत देने की कोशिश या सिस्टम की बड़ी परीक्षा?
स्वास्थ्य विभाग के ये आदेश फिलहाल राहत भरे जरूर लग रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रहेंगी या जमीनी स्तर पर भी नजर आएंगी?
हर साल गर्मी के मौसम में अस्पतालों में पानी, पंखे और दवाओं की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में इस बार विभाग के लिए यह सिर्फ तैयारी नहीं, बल्कि व्यवस्था को साबित करने की बड़ी परीक्षा भी मानी जा रही है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
- दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें
- ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ पिएं
- खाली पेट घर से बाहर न निकलें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
- चक्कर, कमजोरी या तेज बुखार महसूस होने पर तुरंत अस्पताल जाएं
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