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13 अगस्त को ट्रैक्टर मार्च व अनिश्चितकालीन धरने को लेकर भाकियू टिकैत का शक्ति प्रदर्शन तय

 किसान आंदोलन की रणनीति अंतिम चरण में

13 अगस्त को ट्रैक्टर मार्च व अनिश्चितकालीन धरने को लेकर भाकियू टिकैत का शक्ति प्रदर्शन तय

बिजनौर | 07 अगस्त 2025।भाकियू टिकैत 13 अगस्त को बिजनौर जिला मुख्यालय पर ट्रैक्टर मार्च व अनिश्चितकालीन धरने के लिए कमर कस चुकी है। संगठन के जिला व युवा जिला अध्यक्ष खुद गांव-गांव जाकर सभाएं कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं को आंदोलित कर रहे हैं। किसान यूनियन की नाराजगी प्रशासन की अनदेखी और किसानों की समस्याओं के समाधान में टालमटोल को लेकर है।

मुख्य बातें | किसान आंदोलन की जमीन तैयार

  • गांव-गांव बैठकों का दौर:
    भाकियू के जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान और युवा जिला अध्यक्ष सरदार मनप्रीत सिंह अपनी-अपनी टीमों के साथ गांवों में जनसभाएं कर आंदोलन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।
  • आज की पंचायतें:
    ग्राम मानपुर, रायपुर और हैबतपुर में हुई पंचायतों में किसान एकजुट नजर आए।
    दर्जनों युवा किसान नेताओं ने भाग लिया।
  • जिला प्रशासन पर आरोप:
    सुनील प्रधान ने कहा— “आंदोलन कोई शौक नहीं, हमारी मजबूरी है।”
    एक पखवाड़े पहले एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
    किसी बिंदु पर विचार तक नहीं हुआ।
  • भ्रष्टाचार के आरोप:
    किसान नेताओं का आरोप है कि कार्यालयों में बैठे भ्रष्ट कर्मचारी किसानों से खुलेआम वसूली कर रहे हैं।
    “जो किसान पैसे नहीं दे पाते, उन्हें अपमानित किया जाता है।”
  • प्रशासन पर सीधी चेतावनी:
    यूनियन ने कहा—
    “13 अगस्त से पूर्णतः शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन आंदोलन होगा। यदि प्रशासन ने कोई उकसाने वाली कार्रवाई की, तो उसका मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा।”

आंदोलन की अगुवाई कर रहे प्रमुख किसान नेता:

  • अमित बालियान

  • हर्षवर्धन

  • रोहित कुमार

  • अवनीश कुमार

  • सौरभ चौधरी

  • जितेंद्र सिंह

  • आकाश चौधरी

  • मुनेंद्र काकरान

  • आशु चौधरी

  • रजनीश अहलावत

  • दीपक तोमर

  • सचिन

  • नीटू

  • सागर सिंह

  • अजय बालियान

विश्लेषण | क्यों उबल रहा है किसान समाज?

  • ✔️ लंबित समस्याएं: सिंचाई, बिजली, मुआवजा और खाद बीज की समस्याएं सालों से जस की तस हैं।
  • ✔️ व्यवस्था की विफलता: प्रशासन और विभागों की निष्क्रियता से किसान निराश हैं।
  • ✔️ भ्रष्टाचार का बोलबाला: किसान नेताओं ने सरकारी कर्मचारियों द्वारा की जा रही वसूली को आंदोलन का मुख्य कारण बताया।
  • ✔️ आंदोलन की चेतावनी: इस बार संगठन आर-पार की मुद्रा में है।

👉 बिजनौर में आगामी 13 अगस्त को किसान आंदोलन बड़ा मोड़ ले सकता है। यदि प्रशासन ने संवाद का रास्ता नहीं चुना, तो यह प्रदर्शन लंबा खिंच सकता है।

✍️ रिपोर्ट: Target TV Live
(लोकल रिपोर्टिंग | ग्राउंड कवरेज | विश्वसनीय समाचार)

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