गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बना छड़ी जाहर दीवानगंज मेला

महात्मा विदुर की तपोभूमि पर उमड़ा आस्था का सैलाब, व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख़्त
बिजनौर, 01 अगस्त 2025 | संवाददाता
श्रावण मास की धार्मिक आभा और परंपराओं की गूंज के बीच महात्मा विदुर की तपोभूमि पर छड़ी जाहर दीवानगंज मेला शुक्रवार को पूरी भव्यता और श्रद्धा के साथ आरंभ हुआ। मेले का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह और जिलाधिकारी जसजीत कौर ने संयुक्त रूप से किया। पूजन-अर्चन और फीता काटकर उन्होंने इस पौराणिक मेले की विधिवत शुरुआत की, जो वर्षों से जन आस्था का केन्द्र रहा है।
परंपरा, श्रद्धा और सुरक्षा का संगम
यह मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जिले की सांस्कृतिक विरासत, भाईचारे और लोकआस्था का जीवंत प्रतीक बन चुका है। हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां जुटते हैं, जिनके लिए व्यवस्थाएं चुनौती भी होती हैं। इस बार प्रशासन ने पूरी तत्परता के साथ तैयारियां की हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए कहा कि “यह उत्सव जिले की आत्मा है, इसे व्यवस्थित ढंग से मनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
जिले की धरोहर, प्रशासन की परीक्षा
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मेले को गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बताते हुए कहा कि “यह केवल धार्मिक आस्था नहीं, सामाजिक समरसता की पाठशाला भी है।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेला परिसर में शिकायत एवं खोया-पाया केंद्र 24 घंटे कार्यशील रहें, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
ये रहे प्रशासन के प्रमुख निर्देश:
- पॉलिथीन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
- स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की निगरानी में कोताही न हो।
- मेले में आने-जाने वाले लोगों के लिए ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित हो।
सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा भी ज़रूरी
जहां एक ओर आस्था का सैलाब उमड़ता है, वहीं भीड़ प्रबंधन और जनसुरक्षा प्रशासन के लिए कसौटी बन जाती है। ऐसे आयोजनों में मामूली चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही है।
समरसता का संदेश
छड़ी जाहर दीवानगंज मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला अवसर है। यहां हिन्दू-मुस्लिम सभी धर्मों के लोग श्रद्धा और उत्साह के साथ जुटते हैं, जो बिजनौर की सांप्रदायिक एकता का जीवंत उदाहरण है।
मेले के शुभारंभ अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, समस्त जिला पंचायत सदस्य, जनप्रतिनिधिगण एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
बिजनौर जैसे विविध सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान वाले जिले में ऐसे मेलों का शांतिपूर्ण आयोजन सामाजिक समरसता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का सूचक है। छड़ी जाहर दीवानगंज मेला जहां एक ओर आस्था का केंद्र है, वहीं दूसरी ओर यह प्रशासनिक दक्षता की परीक्षा भी है। अगर घोषित प्रतिबंधों और व्यवस्था की निगरानी सही ढंग से होती है, तो यह मेला सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की मिसाल बन सकता है।
रिपोर्ट: Target TV Live | बिजनौर












