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ग्राम्य विकास और खाद्य प्रसंस्करण को मिलेगी रफ्तार: उप मुख्यमंत्री के निर्देशों से विकास कार्यों को मिलेगी मजबूती

ग्राम्य विकास और खाद्य प्रसंस्करण को मिलेगी रफ्तार: उप मुख्यमंत्री के निर्देशों से विकास कार्यों को मिलेगी मजबूती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में तेज़ी लाने के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गई है। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक उच्चस्तरीय बैठक में दोनों विभागों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आबंटित बजट का समय से सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर गहन चर्चा की और तय समयसीमा के भीतर सभी कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।

बजट का सही उपयोग प्राथमिकता

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बजट आवंटन और व्यय में कोई देरी न हो ताकि योजनाओं का लाभ जनता तक शीघ्र पहुंचे। विशेष रूप से राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के बजट व्यय की भी समीक्षा की गई।

खाद्य प्रसंस्करण नीति के प्रचार-प्रसार पर जोर

नई खाद्य प्रसंस्करण नीति को लेकर सरकार बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने जा रही है। इस नीति के तहत उद्यमियों और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे किसानों के उत्पादों की प्रोसेसिंग बढ़ेगी और उन्हें उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा।

उप मुख्यमंत्री ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी बल दिया। इसके लिए कामन इनक्यूबेशन सेंटरों को जल्द से जल्द शुरू करने और उनमें सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि नवरात्रि तक कम से कम 9 इनक्यूबेशन सेंटर चालू हो जाएं।

अमृत सरोवर और प्रधानमंत्री आवास योजना की गति बढ़ेगी

ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि अमृत सरोवर योजना के तहत बनाए गए तालाब पूरी तरह जलमग्न होने चाहिए और इनका जनहित में सही उपयोग किया जाए। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत नए लाभार्थियों के सर्वेक्षण कार्य को 31 मार्च तक पूरा करने की सख्त हिदायत दी गई।

महिला सामर्थ्य योजना और सड़क विकास को बढ़ावा

महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए महिला सामर्थ्य योजना के तहत मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों की संख्या बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया। इससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में FDR तकनीक से बनाई जा रही सड़कों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। संबंधित ठेकेदारों की बैठक बुलाने के निर्देश दिए गए ताकि निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।

सरकार का फोकस: योजनाओं का सही क्रियान्वयन

इस बैठक में प्रमुख सचिव बी.एल. मीणा, सचिव जी.एस. प्रियदर्शी, मिशन निदेशक दीपा रंजन समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। उप मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि योजनाओं को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन हो।

उत्तर प्रदेश सरकार की इस सक्रियता से स्पष्ट है कि ग्राम्य विकास और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्रों में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। योजनाओं का सही और समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी।

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