पांच माह से कमीशन का इंतजार कर रहे बिजनौर के कोटेदार, अब राशन वितरण बंद करने की चेतावनी!
दीपावली से पहले भुगतान की मांग तेज, जिलाधिकारी को पत्र भेजकर एसोसिएशन ने उठाया बकाये का मुद्दा; नवंबर में व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
अवनीश त्यागी | TargetTvLive | बिजनौर
बिजनौर में राशन वितरण करने वाले कोटेदारों के कमीशन का भुगतान लंबे समय से लंबित होने का मुद्दा अब प्रशासन तक पहुंच गया है। आदर्श कोटेदार एवं उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ने मई से सितंबर 2026 तक पांच माह का कमीशन बकाया होने का दावा करते हुए जिलाधिकारी से तत्काल भुगतान कराने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि बकाया कमीशन नहीं मिला तो नवंबर में राशन वितरण बंद करने की नौबत आ सकती है। ऐसा हुआ तो सरकारी राशन पर निर्भर परिवारों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।
पांच माह का बकाया, त्योहार के बीच बढ़ी परेशानी
एसोसिएशन की ओर से 22 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी बिजनौर को संबोधित पत्र में कहा गया है कि जिले के राशन डीलरों का मई से सितंबर 2026 तक लगभग पांच माह का कमीशन शेष है। संगठन के मुताबिक, त्योहारों का मौसम चल रहा है और दीपावली भी नजदीक है। ऐसे समय में भुगतान नहीं होने से कोटेदारों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर बकाया कमीशन जल्द दिलाने का अनुरोध किया है। हालांकि, पत्र में बकाया कमीशन की कुल धनराशि और भुगतान में देरी के आधिकारिक कारण का उल्लेख नहीं किया गया है।
चेतावनी से बढ़ी चिंता, प्रभावित हो सकता है राशन वितरण
पत्र का सबसे अहम पहलू नवंबर में राशन वितरण बंद करने की चेतावनी है। एसोसिएशन ने कहा है कि यदि पांच माह का कमीशन नहीं दिलाया गया तो उसे नवंबर माह का वितरण बंद करना पड़ सकता है। पत्र में इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन पर होने की बात भी कही गई है।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को सरकारी खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। यदि वितरण वास्तव में बाधित होता है तो इसका सीधा असर राशन लेने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जिले के सभी कोटेदारों ने वितरण बंद करने का सामूहिक निर्णय लिया है या यह एसोसिएशन की ओर से प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए दी गई चेतावनी है।
सवाल सिर्फ कमीशन का नहीं, व्यवस्था की निरंतरता का भी
राशन की दुकानों के संचालन में कोटेदारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें निर्धारित व्यवस्था के तहत खाद्यान्न वितरण के लिए कमीशन दिया जाता है। भुगतान में देरी होने पर दुकानों के संचालन और कोटेदारों की आर्थिक स्थिति पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है।
ऐसे में प्रशासन के सामने दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं—पहली, कमीशन भुगतान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना और दूसरी, यह सुनिश्चित करना कि पात्र उपभोक्ताओं को राशन मिलने में किसी तरह की बाधा न आए।
यदि भुगतान लंबित है तो उसके कारणों, संबंधित स्तर पर अटकी प्रक्रिया और भुगतान की संभावित तारीख को सार्वजनिक करना भी जरूरी है, ताकि कोटेदारों और उपभोक्ताओं के बीच अनिश्चितता दूर हो सके।
जिलाधिकारी के हस्तक्षेप पर टिकी निगाहें
आदर्श कोटेदार एवं उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन ने अपने पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से बकाया कमीशन का भुगतान कराने की अपील की है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और भुगतान को लेकर कोई समयसीमा तय की जाती है या नहीं।
फिलहाल संगठन की चेतावनी ने राशन वितरण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि बकाया भुगतान का समाधान समय रहते नहीं निकला तो नवंबर में विवाद गहरा सकता है। वहीं, समयबद्ध कार्रवाई से कोटेदारों की शिकायत दूर करने के साथ राशन वितरण को निर्बाध बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
अब बड़ा सवाल यही है—क्या दीपावली के आसपास उठे इस मुद्दे पर प्रशासन समय रहते समाधान निकालेगा, या नवंबर में राशन वितरण को लेकर नई परेशानी खड़ी होगी?
स्रोत: आदर्श कोटेदार एवं उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश का जिलाधिकारी, बिजनौर को संबोधित पत्र।
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive.com











