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मोबाइल बंद कर, चेहरे पर बांधा साफा… फिर शुरू हुआ खूनी खेल; बिजनौर पुलिस ने ऐसे बिछाया जाल

इश्क, इंतकाम और खूनी साजिश:

बिजनौर में प्रेम प्रसंग के चक्कर में चचेरे भाई की हत्या की कोशिश, 5 आरोपी गिरफ्तार

विशेष विश्लेषणात्मक रिपोर्ट: अवनीश त्यागी डिजिटल डेस्क, targetTvLive

बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। प्यार में रुकावट बनना एक युवक को इस कदर भारी पड़ा कि सिर पर कातिलाना हमला कर उसकी जान लेने की पूरी तैयारी कर ली गई। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में थाना कोतवाली शहर पुलिस ने एक सनसनीखेज प्रेम प्रसंग विवाद और खूनी साजिश का पर्दाफाश करते हुए 5 शातिर अभियुक्तों को दबोच लिया है। पुलिस ने हमले में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिलें भी बरामद कर सीज कर दी हैं।

इस हाई-प्रोफाइल मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कैसे छोटी सी रंजिश और सोशल मीडिया/मोबाइल मैसेजिंग के दौर में पनपा सनक भरा प्यार संगीन अपराध का रूप ले लेता है।

क्या थी घटना? (क्राइम सीन स्टोरी)

मामला 7 अक्टूबर 2026 का है। ग्राम उलेढा (थाना हीमपुर दीपा) निवासी राहुल अपनी पत्नी शिफा और बहन विनेश के साथ बिजनौर से दवा लेकर मोटरसाइकिल द्वारा घर लौट रहा था। जैसे ही वह शाहपुर गैस एजेंसी के पास पहुंचा, घात लगाए बैठे नकाबपोश बदमाशों ने उसकी बाइक में टक्कर मारकर गिरा दिया।

इसके बाद बदमाशों ने गाली-गलौज करते हुए राहुल पर लाठी-डंडों, सरिये और लात-घूंसों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में राहुल के सिर पर गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोगों को आता देख हमलावर अपने हथियार मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए।

विश्लेषण: कैसे रची गई खूनी वारदात की पटकथा?

इस मामले का विश्लेषणात्मक पहलू यह है कि यह कोई अचानक हुई झड़प नहीं, बल्कि ठंडे दिमाग से की गई एक ‘प्लान्ड मर्डर प्लानिंग’ (सुनियोजित साजिश) थी।

  • रंजिश का बीज: मुख्य साजिशकर्ता भावेश उर्फ भानू का उल्हैड़ा गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग था। जब युवती के परिजनों को भनक लगी, तो युवती के चचेरे भाई राहुल ने भावेश को अपनी बहन से दूर रहने और बात न करने की चेतावनी दी।
  • अहंकार और इंतकाम: राहुल की यह हिदायत भावेश के अहंकार पर चोट कर गई और उसने राहुल को रास्ते से हटाने की ठान ली।
  • रेकी और डिजिटल क्लीयरेंस: वारदात के दिन सभी आरोपी गंज रोड पर इकट्ठा हुए। राहुल की हर मूवमेंट पर नजर रखी गई। पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और चेहरों पर साफे बांध लिए ताकि पहचान और लोकेशन न ट्रेस हो सके।

वैज्ञानिक तफ्तीश: बेगुनाह छूटा, असली गुनहगार सलाखों के पीछे

वारदात के बाद पीड़ित पक्ष ने महबूब नामक व्यक्ति को नामजद किया था। हालांकि, बिजनौर पुलिस ने किसी जल्दबाजी के बिना वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) का गहन विश्लेषण किया।

तफ्तीश में नामजद महबूब की संलिप्तता पूरी तरह गलत पाई गई और असल हमलावरों के चेहरे बेनकाब हो गए। पुलिस ने धारा 3(5) बीएनएस की वृद्धि करते हुए मुख्य साजिशकर्ता समेत 5 आरोपियों को दबोच लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का प्रोफाइल और आपराधिक इतिहास

  1. लक्ष्य उर्फ लक्की (पुत्र रोहताश, निवासी जोधूवाला) – पूर्व में भी मारपीट व आर्म्स एक्ट के मुकदमों में नामजद।
  2. भावेश उर्फ भानू (पुत्र संजय कुमार, निवासी ग्राम तिमरपुर) – मुख्य साजिशकर्ता।
  3. आर्यन जिंगघाला (पुत्र राजीव, निवासी कस्बा झालू) – आपराधिक इतिहास दर्ज।
  4. आशुतोष उर्फ आशु (पुत्र राजेंद्र कुमार, निवासी ग्राम जोधूवाला) – पूर्व में बीएनएस धाराओं में नामजद।
  5. डिगेन्द्र उर्फ मानू (पुत्र सत्यवीर, निवासी ग्राम जलालपुर छुईया) – आर्म्स एक्ट व अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज।

बरामदगी और पुलिस टीम की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें (UP20CS7728 और UP20AP1461) बरामद कर एमवी एक्ट की धारा 207 में सीज कर दी हैं।

इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में उप-निरीक्षक विनय कुमार, कांस्टेबल अश्वनी कुमार, मोहित कुमार (1084), मोहित कुमार (2070), अंकित सौलानिया और सचिन कुमार शामिल रहे।

targetTvLive की खास रिपोर्ट: कानून व्यवस्था के लिहाज से बिजनौर पुलिस की यह त्वरित और वैज्ञानिक कार्रवाई सराहनीय है, जिसने एक बेगुनाह को झूठे मुकदमे से बचाया और शातिर हमलावरों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया।

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