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70वीं जनपदीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शंखनाद; जानें DM उमेश प्रताप सिंह ने क्यों कहा— ‘पढ़ाई जितनी जरूरी, खेल भी उतना ही अहम’

खेल के मैदान से चमकेगी बिजनौर की प्रतिभा!

70वीं जनपदीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शंखनाद; जानें DM उमेश प्रताप सिंह ने क्यों कहा— ‘पढ़ाई जितनी जरूरी, खेल भी उतना ही अहम’

TargetTvLive एक्सक्लूसिव | डिजिटल ग्राउंड रिपोर्ट : अवनीश त्यागी 

बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। युवाओं के जुनून, अनुशासित मार्च-पास्ट और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच बिजनौर के नेहरू स्टेडियम में खेल और उत्साह का एक नया अध्याय लिखा गया। अवसर था 70वीं माध्यमिक विद्यालयीय जनपदीय क्रीड़ा प्रतियोगिता के भव्य और रंगारंग शुभारंभ का।

जिले के जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्वलित कर तीन दिवसीय इस खेल महाकुंभ का औपचारिक उद्घाटन किया। 07 से 09 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में जिले भर के दर्जनों माध्यमिक विद्यालयों के सैकड़ों मेधावी खिलाड़ी अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं।

एनसीसी कैडेट्स की सलामी और शांति का संदेश

कार्यक्रम की शुरुआत अत्यंत गरिमामय और अनुशासित माहौल में हुई। क्रीड़ा ध्वज फहराने के बाद जिलाधिकारी ने विभिन्न विद्यालयों की एनसीसी कैडेट्स (NCC Cadets) और छात्र-छात्राओं की मार्च-पास्ट टुकड़ियों की सलामी ली।

आकाश में शांति और आपसी भाईचारे के प्रतीक श्वेत कबूतर उड़ाकर जिले भर में सद्भावना का संदेश दिया गया। इसके बाद विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मां सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनीं।

TargetTvLive डिजिटल एनालिसिस: खेलों से कैसे गढ़ी जा रही है युवाओं की नई पहचान?

TargetTvLive के लिए इस आयोजन का विस्तृत विश्लेषण करते हुए वरिष्ठ पत्रकार अवनीश त्यागी लिखते हैं कि डिजिटल क्रांति के इस दौर में जहाँ युवा पीढ़ी स्क्रीन टाइम और मानसिक अवसाद जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, वहाँ इस प्रकार के वृहद खेल आयोजन युवाओं को शारीरिक रूप से सशक्त और मानसिक रूप से मजबूत बनाने का सबसे बड़ा माध्यम हैं।

जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने अपने ओजस्वी संबोधन में खेलों को केवल हार-जीत तक सीमित न रखते हुए जीवन प्रबंधन का मूलमंत्र बताया।

“खेल केवल एक शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि मानव जीवन के सर्वांगीण विकास का मजबूत स्तंभ हैं। खेल के मैदान से ही अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, नेतृत्व क्षमता (Leadership) और टीम भावना जैसे मानवीय गुण जन्म लेते हैं। पढ़ाई और खेल एक-दूसरे के पूरक हैं। खेल विद्यार्थियों को जीवन की कठिन चुनौतियों से मुस्कुराकर और सकारात्मक दृष्टिकोण से लड़ने की ताकत प्रदान करते हैं।”

— उमेश प्रताप सिंह, जिलाधिकारी (बिजनौर)

डीएम ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा को निखारते हुए जनपद और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पटल पर रोशन करें।

मेडल से सम्मानित हुए होनहार, डीआईओएस ने सौंपा स्मृति चिन्ह

प्रतियोगिता के प्रथम दिन आयोजित विभिन्न खेल स्पर्धाओं के विजेता खिलाड़ियों को जिलाधिकारी ने स्वयं मेडल पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल में हार-जीत से कहीं अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना (Spirit of Sportsmanship) के साथ भाग लेना है।

समारोह के समापन पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) डी.के. सक्सेना और आयोजक मंडल ने जिलाधिकारी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिले के प्रमुख खेल अधिकारी, विभिन्न कॉलेजों के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं और भारी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

TargetTvLive टेक: नेहरू स्टेडियम की लाल मिट्टी और ट्रैक पर दौड़ती बिजनौर की यह युवा प्रतिभाएं केवल मेडल नहीं जीत रहीं, बल्कि अपनी किस्मत का नया रास्ता भी तय कर रही हैं। प्रशासन का यह प्रयास निसंदेह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खेल संस्कृति को एक नई दिशा देगा।

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