16 नवंबर से पहले जान लें नियम! अगर बिजनौर में इस सर्वे से चूके तो 10 साल तक नहीं मिलेगा योजनाओं का लाभ
रिपोर्ट : अवनीश त्यागी TargetTvLive
बिजनौर में जनगणना 2027 के द्वितीय चरण का बिगुल बज चुका है। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में फील्ड ट्रेनर्स के महा-प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ कर जिले में जनगणना अभियान की शुरुआत की।
जनगणना को देश के विकास का आधार बताते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
- अभियान का आगाज: DM उमेश प्रताप सिंह ने प्रशिक्षण सत्र का फीता काटकर उद्घाटन किया।
- स्व-गणना अभियान: 16 नवंबर से 30 नवंबर तक नागरिक अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन भर सकेंगे (Self-Enumeration)। इसके बाद घर-घर जाकर गणना की जाएगी।
- विस्तृत सर्वेक्षण: प्रत्येक परिवार से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें शिक्षा, रोजगार, आवास, बिजली-पानी, इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी शामिल होगी।
- कड़े कानूनी प्रावधान: जनगणना कार्य में बाधा डालने, गलत जानकारी देने या ड्यूटी से इंकार करने पर 3 साल की जेल और 1000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
“यह गिनती नहीं, बिजनौर के विकास का आधार है” – DM
ट्रेनिंग सत्र को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने का काम नहीं है, बल्कि यह भविष्य की विकास योजनाओं का आधार है।
“दिल्ली और लखनऊ से आने वाले बजट, राशन, आवास, पेंशन और नौकरियों का आवंटन इन्हीं आंकड़ों पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन भी इसी डेटा के आधार पर होगा। इसलिए हर नागरिक और अधिकारी पूरी ईमानदारी से इस प्रक्रिया में योगदान दे।”
जनगणना का कानूनी ढांचा और गोपनीयता
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना प्रभारी देवेंद्र पाल सिंह के अनुसार, पूरी प्रक्रिया जनगणना अधिनियम 1948 के तहत संचालित की जा रही है:
- धारा 11 (सख्त कानूनी कार्रवाई): यदि कोई नागरिक गलत जानकारी देता है या प्रगणक को रोकता है, अथवा कोई कर्मचारी ड्यूटी से मना करता है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- धारा 15 (डेटा की पूर्ण गोपनीयता): नागरिकों द्वारा साझा की गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसे किसी भी अदालत, पुलिस या अन्य सरकारी विभाग के साथ साझा नहीं किया जा सकता।
प्रशिक्षण का शेड्यूल
जिले में 5 मास्टर ट्रेनर्स की टीम तैयार की गई है जो फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित कर रही हैं। प्रशिक्षण दो मुख्य चरणों में आयोजित किया जा रहा है:
- प्रथम चरण (बैच 1 व 2): 7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर
- द्वितीय चरण (बैच 3 व 4): 14 अक्टूबर से 16 अक्टूबर
2011 के बाद लगभग 16 वर्षों के लंबे अंतराल पर हो रही यह जनगणना बिजनौर के सही सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को सामने लाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। योजनाओं का सही लाभ प्राप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक का इस अभियान में सटीक जानकारी के साथ सहयोग करना अनिवार्य है।












