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बिजनौर से बड़ी खबर: सिंचाई विभाग में इंजीनियरों का ‘महामंथन’, पदोन्नति-स्थायीकरण पर हुंकार; जानें अंदर की पूरी इनसाइड स्टोरी

बिजनौर से बड़ी खबर: सिंचाई विभाग में इंजीनियरों का ‘महामंथन’, पदोन्नति-स्थायीकरण पर हुंकार; जानें अंदर की पूरी इनसाइड स्टोरी

TargetTvLive (डिजिटल न्यूज़ डेस्क, बिजनौर) | अवनीश त्यागी:

उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग में सिविल डिप्लोमा इंजीनियरों ने अपनी लंबित मांगों और विभागीय उपेक्षा के खिलाफ आर-पार की रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। बिजनौर के मध्य गंगा फील्ड हॉस्टल में आयोजित ‘सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ’ की जनपदीय बैठक केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि इसने आने वाले दिनों में संगठन के आक्रामक तेवरों की झलक दे दी है।

जनपद अध्यक्ष इं. लक्खी सिंह की अध्यक्षता और जनपद सचिव इं. अंकित कुमार कपासिया के कुशल संचालन में संपन्न हुई इस बैठक ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

इं. अंकित कुमार का भव्य नागरिक अभिनंदन: ‘संघ में नई ऊर्जा का संचार’

बैठक की शुरुआत एक बेहद जोशीले माहौल में हुई। संघ का उप महासचिव निर्वाचित होने पर इं. अंकित कुमार कपासिया का सदस्यों ने जोरदार स्वागत किया।

  • अंगवस्त्र और पुष्प वर्षा: उपस्थित दर्जनों इंजीनियरों ने इं. अंकित कुमार को अंगवस्त्र और पुष्पमालाओं से लाद दिया।
  • बुलंद होगी आवाज: प्रांतीय/क्षेत्रीय कार्यकारिणी में बिजनौर के प्रतिनिधि को यह अहम स्थान मिलने से सदस्यों में भारी उत्साह है। वक्ताओं ने साफ कहा कि अब बिजनौर के इंजीनियरों के मुद्दों की गूंज लखनऊ शासन स्तर तक और अधिक मजबूती से गूंजेगी।

इन 4 बड़े मुद्दों पर गरमाया माहौल: आर-पार के मूड में इंजीनियर

ग्राउंड पर पसीना बहाने वाले डिप्लोमा इंजीनियरों ने प्रशासनिक शिथिलता पर खुलकर अपनी भड़ास निकाली। बैठक में चार मुख्य एजेंडों पर सीधी रणनीति बनाई गई:

  1. स्थायीकरण में देरी पर रोष: सेवा अवधि पूरी करने के बाद भी अभियंताओं को स्थायी न किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई गई।
  2. ACP (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) का अटकाव: वर्षों से लंबित एसीपी प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण न होने से आर्थिक नुकसान झेल रहे कैडर को जल्द राहत दिलाने का संकल्प लिया गया।
  3. हितैषिता निधि और कैडर मजबूती: आपात स्थिति में सदस्यों की मदद के लिए ‘हितैषिता निधि’ को मजबूत करने और व्यापक सदस्यता अभियान चलाने का फैसला हुआ।
  4. खण्डीय इकाइयों का पुनर्गठन: कार्यकाल पूरा कर चुकी खण्डीय इकाइयों को भंग कर नई कार्यकारिणी के गठन का मार्ग प्रशस्त किया गया।

प्रमुख चेहरों की मौजूदगी ने बढ़ाया मंच का वजन

इस जनपदीय महामंथन में उ.प्र. डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ और सिंचाई विभाग की विभिन्न शाखाओं के शीर्ष प्रतिनिधि एक मंच पर दिखे:

  • महासंघ और संघ के दिग्गज: पूर्व जनपदीय पदाधिकारी इं. पीयूष कुमार बालियान, महासंघ के जनपद सचिव इं. आरिफ खान, सिंचाई खण्ड सचिव अतुल शर्मा, म.गं.न.नि. खण्ड-5 सचिव संदीप कुमार और खण्ड-7 सचिव राजेश कुमार ने हुंकार भरी।
  • उपस्थित अभियंता: मोनू कुमार, अरविन्द कुमार, राजकुमार सैनी, आनन्द कुमार, विवेक कुमार, राहुल कुमार, देवेन्द्र कुमार, सचिन कुमार गोयल, मोहित कुमार, अक्षय सुमन झा, हरेन्द्र सिंह, अंकित कुमार, मुकुल तोमर एवं मयंक कुमार सहित सैकड़ों अभियंता मौजूद रहे।

TargetTvLive इंसाइट: क्यों बढ़ी शासन-प्रशासन की धड़कनें?

अन्वेषणात्मक नज़रिए से (By Avnish Tyagi): उत्तर प्रदेश में सिंचाई परियोजनाएं प्रदेश के कृषि और जल प्रबंधन का आधार हैं। जब फील्ड में काम करने वाले सिविल डिप्लोमा इंजीनियरों के बीच ‘स्थायीकरण’ और ‘एसीपी’ जैसी बुनियादी मांगों को लेकर असंतोष पनपता है, तो इसका सीधा असर विकास कार्यों की गुणवत्ता और रफ्तार पर पड़ता है। बिजनौर में खण्डीय इकाइयों का पुनर्गठन और महासंघ का एक मंच पर आना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यदि जल्द ही विभागीय फाइलों पर जमा धूल न हटाई गई, तो यह आंदोलन सड़कों और दफ्तरों में बड़े विरोध का रूप ले सकता है।

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