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CM Dashboard में बिजनौर की बड़ी फिसलन! D ग्रेड मिलते ही डीएम का सख्त एक्शन, अधिकारियों को अल्टीमेटम

CM Dashboard में फिसला बिजनौर! ‘D’ ग्रेड ने बढ़ाई टेंशन, डीएम जसजीत कौर का सख्त अल्टीमेटम—’अब हर हाल में सुधरे रैंकिंग’

सेतु निर्माण योजना की बड़ी गिरावट बनी चिंता, C और D ग्रेड वाले विभागों की कलेक्ट्रेट में हुई हाईलेवल समीक्षा, अधिकारियों को चेतावनी
अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर | 30 जून 2026

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर मई-2026 की रैंकिंग ने बिजनौर प्रशासन को झकझोर दिया है। कई विभागों के ‘सी’ और ‘डी’ ग्रेड में पहुंचने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की मैराथन समीक्षा की और दो टूक कहा कि अब लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। अगली समीक्षा तक हर विभाग को अपनी रैंकिंग सुधारनी होगी।

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, जिले की कई योजनाओं ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं की गिरती रैंकिंग प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है।

सेतु निर्माण में सबसे बड़ा झटका, A से सीधे D ग्रेड तक पहुंची योजना

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक लोक निर्माण विभाग की ‘सेतुओं का निर्माण’ योजना अप्रैल में A ग्रेड और राज्य में प्रथम स्थान पर थी। लेकिन मई में यह योजना सीधे D ग्रेड और 74वें स्थान पर पहुंच गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि योजना की उपलब्धि 100 प्रतिशत से घटकर केवल 0.65 प्रतिशत दर्ज हुई।

इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना, आईसीडीएस (पोषण अभियान), 15वें वित्त आयोग-ग्राम पंचायत और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाएं भी C ग्रेड में बनी रहीं।

ऊर्जा और कृषि विभाग बने जिले की ताकत

जहां कुछ विभागों का प्रदर्शन सवालों के घेरे में रहा, वहीं कई योजनाओं ने जिले का मान बढ़ाया।

इन योजनाओं में बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया—

  • पं. दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना
  • सोलर स्ट्रीट लाइट ग्राम उन्नति योजना
  • पीएम सूर्य घर–मुफ्त बिजली योजना
  • पर ड्रॉप मोर क्रॉप (माइक्रो इरिगेशन)
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
  • बीज डीबीटी
  • कृषि रक्षा रसायन डीबीटी
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
  • मनरेगा

इन योजनाओं ने राज्य स्तर पर बेहतर रैंकिंग हासिल कर जिले की समग्र स्थिति को संतुलित बनाए रखा।

डीएम ने अधिकारियों की लगाई क्लास

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने विभागवार प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने खराब रैंकिंग के कारण पूछे और अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर विभाग अपनी कमियों की पहचान कर समयबद्ध सुधार योजना तैयार करे।

उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे, लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर सभी आंकड़े समय से अपडेट किए जाएं। विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के भी निर्देश दिए गए।

डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रण विजय सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) देवेंद्र पाल सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला विकास अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

TargetTvLive विश्लेषण

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड अब सिर्फ सरकारी पोर्टल नहीं, बल्कि जिलों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड बन चुका है। बिजनौर में ऊर्जा और कृषि विभागों का प्रदर्शन यह साबित करता है कि नियमित मॉनिटरिंग और समय पर डाटा अपडेट से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। वहीं, सेतु निर्माण जैसी आधारभूत परियोजना का A ग्रेड से D ग्रेड तक गिरना यह संकेत देता है कि कुछ विभागों को अपने काम करने के तरीके में तत्काल सुधार की जरूरत है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि डीएम की सख्ती के बाद अगली मुख्यमंत्री डैशबोर्ड रैंकिंग में बिजनौर वापसी कर पाएगा या नहीं।

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