बिजनौर में मौसम का बड़ा अलर्ट
12 और 13 जून को आंधी, तेज बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
खेतों में काम कर रहे किसानों और खुले में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर। जनपद बिजनौर में अगले 48 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने 12 और 13 जून को जिले में तेज आंधी, बारिश, मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) देवेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि मौसम विभाग, लखनऊ से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार जिले में कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात हो सकता है। संभावित आपदा को देखते हुए सभी विभागों को तैयार रहने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह चेतावनी?
हर साल बरसात से पहले आने वाली आंधियां और आकाशीय बिजली कई लोगों के लिए जानलेवा साबित होती हैं। खासकर किसान, पशुपालक, खेतों में काम करने वाले मजदूर और खुले स्थानों पर रहने वाले लोग सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी को देखते हुए प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
किसानों के लिए विशेष सलाह
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचें। यदि अचानक मौसम खराब हो जाए तो तुरंत किसी सुरक्षित पक्के भवन में पहुंच जाएं। खेत, ट्यूबवेल, नहर, तालाब और खुले मैदान वज्रपात के दौरान सबसे खतरनाक स्थान माने जाते हैं।
आकाशीय बिजली से बचने के लिए क्या करें?
- बिजली चमकते ही सुरक्षित पक्के भवन में चले जाएं।
- खुले मैदान, खेत, नदी, नहर और तालाब से दूर रहें।
- पेड़ों के नीचे खड़े होने की गलती बिल्कुल न करें।
- मोबाइल टावर, बिजली के खंभों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।
- वाहन चला रहे हों तो सुरक्षित स्थान पर वाहन रोककर उसके अंदर ही रहें।
- बिजली कड़कने के दौरान टीवी, कंप्यूटर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग बंद कर दें।
जानिए “30-30 नियम”, जो बचा सकता है जान
प्रशासन ने लोगों को “30-30 नियम” अपनाने की सलाह दी है।
यदि बिजली चमकने के बाद 30 सेकंड के भीतर बादलों की आवाज सुनाई दे तो समझिए खतरा आपके आसपास है। ऐसे में तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं। वहीं अंतिम गर्जना सुनने के बाद कम से कम 30 मिनट तक बाहर न निकलें।
अगर खुले में फंस जाएं तो क्या करें?
यदि किसी कारणवश आप खुले स्थान पर फंस जाएं तो जमीन पर लेटने की बजाय दोनों पैरों को मिलाकर नीचे झुक जाएं। इससे वज्रपात का खतरा कम हो सकता है।
आपातकाल में तुरंत करें संपर्क
किसी भी आपदा, वज्रपात या मौसम संबंधी आपात स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा जारी कंट्रोल रूम नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है—
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष: 01342-262031, 01342-262295
आपातकालीन सेवा: 112
अग्निशमन सेवा: 101
एम्बुलेंस सेवा: 108
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें, आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें
जिला प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचें और अपने परिवार, पड़ोसियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी मौसम संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करें।
TargetTvLive विश्लेषण
मौसम विभाग का यह अलर्ट सामान्य चेतावनी नहीं है। बिजनौर जैसे कृषि प्रधान जिले में हजारों किसान रोजाना खेतों में काम करते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। प्रशासन की सलाह का पालन करना और अगले दो दिनों तक मौसम पर विशेष नजर बनाए रखना ही सबसे सुरक्षित कदम होगा। सतर्कता ही सुरक्षा है और समय रहते बरती गई सावधानी किसी भी अनहोनी को टाल सकती है।
#Bijnor #WeatherAlert #StormAlert #RainAlert #LightningAlert #BijnorNews #UPWeather #BreakingNews #TargetTvLive #AvnishTyagi #Thunderstorm #WeatherUpdate #DisasterAlert #FarmersAlert #UPNews #ViralNews #GoogleDiscover #TrendingNews :::












