4 दिन तक टूटे पड़े रहे हाईवोल्टेज तार, शिकायतों के बावजूद नहीं जागा विभाग, चली गई युवक की जान

ग्रामीणों का आरोप- 4 दिन पहले दी थी सूचना, लेकिन नहीं जागा बिजली विभाग; अब एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गईं
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
मंडावर (बिजनौर)। बिजनौर के मंडावर क्षेत्र के ग्राम खलीलापुर उर्फ खिरनी में बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक परिवार का सब कुछ छीन लिया। खेत में कई दिनों से टूटकर पड़े 11 हजार वोल्ट के हाईवोल्टेज तार की चपेट में आने से एक 20 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि खेत में पड़ा यह हाईवोल्टेज तार पिछले तीन से चार दिनों से मौत बनकर जमीन पर बिछा हुआ था। इसकी सूचना कई बार विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों को दी गई, लेकिन किसी ने मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करना जरूरी नहीं समझा। नतीजा यह हुआ कि एक युवा जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो गई।
सुबह खेत गया था जयदेव, कुछ ही पलों में चली गई जान
जानकारी के अनुसार ग्राम खलीलापुर उर्फ खिरनी निवासी जयदेव पुत्र सतीश (20 वर्ष) रविवार सुबह करीब 9 बजे अपने खेत पर गया था। उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि खेत में पड़ा बिजली का तार उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव साबित होगा।
बताया जा रहा है कि खेत में 11 हजार वोल्ट की लाइन का तार टूटा पड़ा था और उसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। जैसे ही जयदेव उस तार के संपर्क में आया, उसे जोरदार करंट लगा। करंट इतना तेज था कि वह मौके पर ही गिर पड़ा और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
जब आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मिली तो गांव में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
“अगर समय पर सुन ली होती शिकायत, तो बच सकती थी जान”
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई दिन पहले ही टूटे हुए तार की शिकायत बिजली विभाग को दी थी। लोगों ने विभाग को यह भी बताया था कि खेतों में काम करने वाले किसानों और पशुओं के लिए यह तार बड़ा खतरा बन सकता है।
लेकिन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। लोगों का कहना है कि यदि विभाग समय रहते तार को ठीक कर देता या लाइन बंद कर देता, तो जयदेव आज अपने परिवार के बीच जीवित होता।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह केवल हादसा नहीं बल्कि लापरवाही का परिणाम है।
घर में मचा कोहराम, मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल
जयदेव की मौत की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां की चीखें सुनकर पूरे गांव की आंखें नम हो गईं। पिता और अन्य परिजन बेसुध हो गए।
जिस बेटे के सहारे परिवार भविष्य के सपने देख रहा था, उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
गांव में हर तरफ इसी घटना की चर्चा है और लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही मंडावर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई।
पुलिस द्वारा विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को भी मौके पर बुलाया गया। पूरे मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
बार-बार हो रहे ऐसे हादसे, कब जागेगा सिस्टम?
ग्रामीण इलाकों में टूटे हुए बिजली के तार, झूलती लाइनें और खराब विद्युत व्यवस्था लंबे समय से गंभीर समस्या बनी हुई है। हर साल ऐसे हादसों में कई लोगों की जान चली जाती है, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिलता।
खलीलापुर की यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ गई है—क्या किसी शिकायत पर कार्रवाई के लिए भी किसी की जान जाना जरूरी है?
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों और परिजनों ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा भी दिया जाए ताकि दुख की इस घड़ी में परिवार को कुछ सहारा मिल सके।
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