BKU में नेताओं की एंट्री से बढ़ी हलचल!
“राजनीतिक दलों में सम्मान नहीं, किसान यूनियन में मिलता है मान” रजनीश शर्मा
झालू की किसान सभा में उमड़ा जनसैलाब, राकेश टिकैत और बाबा टिकैत के नाम पर गरजे नेता
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर जिले के झालू नगर में आयोजित भारतीय किसान यूनियन (BKU) की सभा ने इलाके की राजनीति और किसान आंदोलन दोनों में नई हलचल पैदा कर दी। रेलवे फाटक के पास आयोजित इस कार्यक्रम में उस समय माहौल गर्म हो गया जब समाजसेवी रजनीश शर्मा और केशव दुबे ने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ भारतीय किसान यूनियन की सदस्यता ग्रहण कर ली।
सभा में पहुंचे किसानों और ग्रामीणों ने नए साथियों का जोरदार स्वागत किया। मंच से नेताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार और व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा, वहीं संगठन को मजबूत बनाने का संदेश भी दिया गया।
“किसान का सम्मान सबसे ऊपर” — सुनील प्रधान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे BKU जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान ने नए सदस्यों को संगठन की सदस्यता दिलाई। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसानों, मजदूरों और गरीब लोगों की आवाज बनकर लगातार संघर्ष कर रही है।
उन्होंने कहा,
“संगठन से जुड़ने पर भले पैसा न मिले, लेकिन सम्मान जरूर मिलता है। किसान अगर एकजुट हो जाए तो कोई उसका हक नहीं छीन सकता।”
उन्होंने किसानों से गांव-गांव में संगठन को मजबूत करने और अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की अपील की। साथ ही अगले महीने हरिद्वार में होने वाले BKU चिंतन शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान भी किया।
रजनीश शर्मा का बड़ा बयान, राजनीतिक दलों पर साधा निशाना
सभा में सबसे ज्यादा चर्चा समाजसेवी रजनीश शर्मा के बयान की रही। उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए राजनीतिक दलों पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी कई वर्षों से एक राजनीतिक दल के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है, समय भी दे रही है और अपनी कमाई भी खर्च कर रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आज तक वह सम्मान नहीं मिला जिसकी वह हकदार हैं।
रजनीश शर्मा ने कहा,
“राजनीतिक दल सिर्फ कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन भारतीय किसान यूनियन अपने कार्यकर्ताओं को सम्मान देती है। यही वजह है कि हमने BKU का दामन थामा है।”
उन्होंने आगे कहा कि बाबा महेंद्र सिंह टिकैत, राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत किसानों और आम लोगों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं और उन्हीं की सोच से प्रभावित होकर वह संगठन में शामिल हुए हैं।
“अब हम बाबा टिकैत के सिपाही” — केशव दुबे
सभा में सदस्यता लेने वाले समाजसेवी केशव दुबे ने कहा कि अब वह बाबा टिकैत के सिपाही हैं और संगठन उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगा, उसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि BKU की नीतियों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना अब उनकी प्राथमिकता होगी।
किसानों की समस्याओं पर खुलकर हुई चर्चा
सभा के दौरान किसानों ने बिजली कटौती, सिंचाई की खराब व्यवस्था, फसलों के सही दाम न मिलने, आवारा पशुओं से फसलों को नुकसान और सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
नेताओं ने भरोसा दिलाया कि भारतीय किसान यूनियन किसानों की हर आवाज को प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाएगी और समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।
संगठन में शामिल हुए कई नए चेहरे
कार्यक्रम के दौरान दिनेश शर्मा, मयंक बिश्नोई और नवीन सिंह सहित कई लोगों ने भारतीय किसान यूनियन की सदस्यता ग्रहण की। नेताओं ने कहा कि नए लोगों के जुड़ने से संगठन को क्षेत्र में और अधिक मजबूती मिलेगी।
सभा का संचालन शुभम कुमार राणा ने किया। इस दौरान डॉ. कामेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, वीर सिंह बिट्टू, कोमन सिंह, अरुण कुमार, प्रमोद कुमार, बिकुल कुमार, रोहित, कपिल, अमीनुद्दीन, विभु, टिंकू, विनीत, मोनू, मुनिदेव सिंह, राकेश, अरविंद कुमार और संजीव समेत बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
किसान राजनीति में नए संकेत
झालू की यह सभा केवल सदस्यता कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि इसने साफ संकेत दे दिए कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान राजनीति एक बार फिर सक्रिय होती दिखाई दे रही है। राजनीतिक दलों से नाराज स्थानीय चेहरे अब किसान संगठनों की तरफ रुख कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं।
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