अब AI बताएगा खेत में कब आएगा कीट! किसानों के लिए सरकार का नया सिस्टम लॉन्च
फसल पर हमला करने को तैयार तना बेधक, फॉल आर्मी वर्म, पायरिला और सफेद मक्खी… कृषि विभाग ने कहा- अभी संभल जाइए वरना भारी नुकसान तय
अवनीश त्यागी | TargetTvLive
जनपद में लगातार बदल रहे मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कभी तेज गर्मी, कभी हल्की नमी और तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव अब खेतों के लिए खतरे की घंटी बन गया है। कृषि विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि यही मौसम कीट और रोगों के तेजी से फैलने के लिए सबसे मुफीद माना जाता है।
मक्का, गन्ना, मूंग, उड़द और आम की फसल पर इस समय कई खतरनाक कीट और बीमारियां हमला कर सकती हैं। ऐसे में विभाग ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि थोड़ी सी लापरवाही भी भारी आर्थिक नुकसान करा सकती है।
मक्का की फसल पर ‘फॉल आर्मी वर्म’ का हमला, खेत चट करने की क्षमता
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय मक्का की फसल पर फॉल आर्मी वर्म और तना बेधक कीट का खतरा सबसे ज्यादा है। यह कीट कुछ ही दिनों में पूरी फसल को बर्बाद करने की ताकत रखता है।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में पक्षियों के बैठने के लिए बर्ड पर्चर लगाएं, फेरोमोन ट्रैप का इस्तेमाल करें और रात में लाइट ट्रैप जलाएं, ताकि कीटों की संख्या पर शुरुआती स्तर पर ही रोक लग सके।
अगर खेत में सूंडी या मृत गोभ दिखाई दे तो तुरंत दवा का छिड़काव करने को कहा गया है।
मूंग और उड़द में पीला रोग बना खतरा, सफेद मक्खी से सतर्क रहने की जरूरत
मूंग और उड़द की फसल में इस समय पीला चित्रवर्ण रोग और पत्ती धब्बा रोग तेजी से फैल सकता है। कृषि विभाग का कहना है कि सफेद मक्खी इस बीमारी की सबसे बड़ी वाहक है।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि संक्रमित पौधों को तुरंत उखाड़कर नष्ट करें और खेतों में स्टिकी ट्रैप लगाएं। समय-समय पर दवा का छिड़काव करना भी बेहद जरूरी बताया गया है।
गन्ने में लाल सड़न और टॉप बोरर से खतरा, उत्पादन घटने की आशंका
गन्ना किसानों के लिए भी यह मौसम चुनौती भरा माना जा रहा है। लाल सड़न रोग और टॉप बोरर कीट गन्ने की पैदावार को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं।
कृषि विशेषज्ञों ने कहा है कि रोगग्रस्त फसल की रेटूनिंग बिल्कुल न करें। साथ ही खेतों में लाइट ट्रैप और जैविक नियंत्रण के उपाय अपनाएं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज किया गया तो पूरा खेत प्रभावित हो सकता है।
आम के बागों में बढ़ा फल गिरने का खतरा
मौसम में बदलाव का असर आम के बागों पर भी दिखने लगा है। तेज गर्मी और नमी के उतार-चढ़ाव के कारण फल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है।
कृषि विभाग ने बागवानों को समय रहते दवा का छिड़काव करने और नियमित निगरानी रखने की सलाह दी है ताकि तैयार फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
अब AI बताएगा खेत में कब आएगा कीट
केंद्र सरकार ने किसानों के लिए AI आधारित “राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (NPSS)” शुरू की है। इस सिस्टम के जरिए खेतों में कीट और रोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
मोबाइल एप और विशेषज्ञों की मदद से किसानों को पहले ही अलर्ट मिल सकेगा कि किस फसल में कौन सा रोग या कीट हमला करने वाला है। इससे समय रहते बचाव संभव हो सकेगा।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
खेतों की रोज निगरानी करें
कीट दिखते ही तुरंत नियंत्रण शुरू करें
फेरोमोन ट्रैप और लाइट ट्रैप जरूर लगाएं
संक्रमित पौधों को खेत से बाहर करें
बिना सलाह जरूरत से ज्यादा दवा का प्रयोग न करें
जैविक और वैज्ञानिक दोनों उपाय अपनाएं
विशेषज्ञ बोले- “सतर्क किसान ही बचाएगा अपनी फसल”
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि बदलते मौसम में अब पारंपरिक खेती के साथ वैज्ञानिक सोच भी जरूरी हो गई है। समय पर पहचान और सही प्रबंधन ही फसल को नुकसान से बचा सकता है।
यदि किसान अभी से सतर्क हो जाएं तो हजारों रुपये का नुकसान बचाया जा सकता है और उत्पादन भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
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